
राजस्थान के 196 गांवों में अब भी ग्रामदानी व्यवस्था कायम (Photo: ChatGpt)
Gramdani System in 196 Villages: ‘सबै भूमि गोपाल की, नहीं किसी की मालिकी’, उस समय के दुनिया के सबसे प्रसिद्ध लेखकों में से एक अमेरिकी पत्रकार लुई फिशर ने कहा था। ग्रामदान पूरब की ओर से आने वाला यह सबसे अधिक रचनात्मक विचार है। जिसे हमारे देश ने विनोबा भावे के भूदान आंदोलन के रूप में करीब 75 साल पहले अपनाया। प्रदेश में इसके लिए भूदान-ग्रामदान बोर्ड तक बने है। परन्तु बोर्ड भंग होने के बाद से इसकी गतिविधियां प्रदेश स्तर पर ठप पड़ी है।
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