छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की युवती से रेप के आरोप में पुलिस ने जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी बाबा को गिरफ्तार कर लिया है। पु
रायपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की युवती से रेप के आरोप में पुलिस ने जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी बाबा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उन्हें राजस्थान के अलवर में एक अस्पताल से हिरासत में लिया। पुलिस मेडिकल कराने बाबा को लेकर सरकारी अस्पताल गई है। कागजी कार्रवाई के बाद उनसे इस संबंध में पूछताछ की जाएगी। बता दें कि मामला प्रकाश में आने पर फलहारी महाराज खुद को बीमार बताकर अस्पताल में भर्ती हो गए थे। इसी दौरान शनिवार की सुबह पुलिस की टीम वहां पहुंची और बाबा को गिरफ्तार किया।
यह था मामला
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के महिला थाने में पीडि़त युवती ने शिकायत दर्ज कराई है कि फलाहारी बाबा ने उसके साथ रेप का प्रयास किया था। पीडि़ता के परिजन इस बाबा के शिष्य हैं। यह युवती जयपुर में रह कर कानून की पढ़ाई कर रही थी। बाबा की सिफारिश पर सुप्रीम कोर्ट के एक वकील के यहां उसने अपनी इंटर्नशिप पूरी की थी। इंटर्नशिप खत्म होने के बाद पीडि़ता बाबा का आशीर्वाद लेने 7 अगस्त को अलवर के दिव्य धाम पहुंची थी। उसने महाराज को तीन हजार रुपए भेंट चढ़ाई. रक्षाबंधन का दिन होने की वजह से फलहारी बाबा ने उसे आश्रम में ही रुकने के निर्देश दिया था। उससे कहा गया था उसे रात में गुप्त दिव्य मंत्र दिया जाएगा। उसे हाईकोर्ट का जज बनाने का प्रलोभन भी दिया।
ऐसे छुड़ाई जान
पीडि़ता के मुताबिक रात में युवती जब बाबा के कमरे में पहुंची तो उसने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। पीडि़ता के साथ छेडख़ानी करते हुए रेप की कोशिश करने लगा। उसी समय किसी ने बाहर से दरवाजा खटखटा दिया। बाबा की पकड़ ढीली होने से लड़की तुरंत उसके चंगुल से छूटकर कमरे से भाग निकली, लेकिन बाबा के शाख के डर से उसने अपना मुंह बंद रखा।
युवती ने बताया कि रेप केस में राम रहीम के जेल जाने के बाद उसके अंदर भी हिम्मत आई। उसने हिम्मत जुटाकर फलाहारी बाबा को सबक सिखाने की ठानी और उसने अपने भाई के साथ थाने जाकर केस दर्ज कराया। इसकी सूचना मिलते ही फलाहारी बाबा बीमारी का हवाला देकर अस्पताल में भर्ती हो गया था। पुलिस ने अस्पताल के चारों ओर कड़ा पहरा लगा रखा था।