आयुर्वेदिक कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 80 हजार रूपए की ठगी करने के आरोपी को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है
दिनेश यदु@रायपुर. आयुर्वेदिक कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 80 हजार रूपए की ठगी करने के आरोपी को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। फरियादी स्मिता मिश्र ने आयुर्वेदिक कंपनी में भर्ती का विज्ञापन पढक़र उसमें बताए गए नंबर पर फोन किया। फोन प्रमोद राउत ने उठाया और स्मिता से कहा कि नौकरी के लिए कुछ रूपए जमा करना पड़ेगा।
नौकरी के लालच में स्मिता ने प्रमोद के बताए गए खाता नंबर में रकम जमा कर दिया। कुछ समय बाद प्रमोद ने स्मिता को फिर फोन किया और बताया कि आपके लैपटाप पर इनाम मिलने वाला है। इसके लिए कुछ रूपए खाता में जमा करना पड़ेगा। इस तरह करीब 80 हजार रूपए स्मिता ने प्रमोद के बताए अलग-अलग खाते में जमा कर चुकी थी। नौकरी न लगने पर स्मिता को ठगी का अहसास होती ही उन्होने गुढि़यारी थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर साइबर क्राईम की तकनीकी टीम की मदद से बिहार के नालंदा जिला स्थित छकोड़ी ग्राम से गिरफ्तार किया है।
ज्यादातर पते फर्जी- पुलिस ने बैंक खाते और विज्ञापन में दिए गए फोन नम्बर की जांच की। इसमें ज्यादातर पते फर्जी पाए गए। फोन नंबर और बैंक खाते फर्जी पते पर लिए गए हैं। यह गिरोह नालंदा में सक्रिय है और पूरे देश में ठगी की वारदात को अंजाम देता है।
रायपुर के एएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि आरोपी फर्जी नाम और दूसरों की आइडी से बैंक में खाता खोलकर रकम जमा करवाता था। नालंदा में ठगी करने वाले और भी गिरोह सक्रिय हैं। आरोपी से पुछताछ में इस तरह के और भी मामले का खुलासा हो सकता है।
इस तरह की ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है। प्रमोद राउत गिरोह का सिर्फ एक मोहरा है। वह मजदूरी करता है। मास्टर माइंड ने ठगी की रकम डलवाने के लिए प्रमोद को बैंक खाते का उपयोग किया था। मामले में रवि वर्मा का भी नाम सामने आया है। गिरोहबाजों ने इसके बैंक अकाउंट का उपयोग कर ठगी की रकम जमा करवाने के लिए किया था।