- संस्कृति विभाग पर लगाया पक्षपात का आरोप- चार सूत्रीय मांगों को लेकर दे रहें है धरना
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक कलाकार संघ बुढ़ातालाब धरना स्थल में दो दिवसीय धरना दे रहे है। लोक कलाकरों धरना स्थल में छत्तीसगढ़ी लोकगीतों और नृत्यों के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहे है। लोक कलाकार रमा दत्त जोशी ने कहा कि संस्कृति विभाग के अधिकारी कर्मचारी लोक कलाकारों के साथ भेदभाव कर रहें है। प्रदेश के कलाकारों की योग्यता के अनुसार उन्हें कार्यक्रम प्रस्तुति करने नही देतें है।
एक अधिकारी का नाम लेते हुए जोशी ने कहा कि वहा अपने पसंद के मंडली को हमेशा कार्यक्रम प्रस्तुत करने को कहते है । जिसकी शिकायत संस्कृति मंत्री से कई बार कर चुके है। साथ ही वृद्ध हो चुके कलाकारों को पेंशन समय पर नही मिलता जिसके कारण कलाकार भटकते रहतें है। जोशी ने यहां भी कहा जब कलाकार बिमार पड़ जाते है ,तब शासन द्वारा कोई मद्द नही मिलता है। दो दिवसीय धरना में प्रदेश के कई कलाकार धरना दे रहें है। आज के धरना में जागेश्वर प्रसाद की विशेष योगदान के साथ -साथ प्रदेश के कई कलाकारों का योगदान रहा ।
यह है मांग
1. दाऊ मदराजी पुरस्कार हेतु छत्तीसगढ़ी प्रोग्राम सलेक्शन कमेटी व वरिष्ठ कलाकार क्लयाण कोष कमेंटी जूरी में 70% वरिष्ठ लोक कलाकारों की सहभागिता हो ।
2. बिमार कलाकार को इलाज के दौरान ठहरने के लिए अलग से भवन की व्यवस्था की जावें ।
3. लोक कला मंडलियों को समान अवसर प्रदान करने हेतु एक मंडसी को सालभर में कितने कार्यक्रम दिए जाएगें उसका मापदंड तय किया जाए।
4.लोक कलाकारों को आर्थिक सहायता एवं मासिक पेंशन देने के लिए चयन समिति में वरिष्ठ लोक कलाकारों को शामिल किया जाए ।