
Chhattisgarh News: रायपुर समेत प्रदेशभर में हुई झमाझम बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। राजधानी के कई इलाके जलमग्न हो गए। कई लोगों के घरों में पानी भर गया। खारुन नदी उफान पर है। महादेव घाट में सालों बाद पुल डूब गया। पाटन, अमलेश्वर मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है, इधर नदी के आसपास बाढ़ के हालत बने हुए हैं। बारिश से बिगड़े हालात के कई वीडियो भी सामने आ रहे हैं। वहीं इस मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने तंज कसा है। कहा कि जिंदगी अस्त-व्यस्त, सरकार नाचने में मस्त।
भारी बारिश के बाद शहर में हुए जलभराव को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के जरिए अभी भड़ास निकाली। कहा कि राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाक़े जलमग्न हैं। कल जिस समय रायपुर पानी में डूब रहा था, सरकार सहित नगर-निगम के अधिकारी इंडोर स्टेडियम, रायपुर में नाच-गाना कर रहे थे। क्यों नाच रहे थे? क्योंकि मोदी जी का 17 तारीख़ को जन्मदिन था। तंज सकते हुए आगे कहा कि आप डूबे रहिए, परेशान रहिए, लेकिन सरकार अभी नाचेगी। जलभराव को लेकर एक वीडियो भी शेयर किया है।
चक्रवात 'अर्नब' के असर से प्रदेश में पिछले 24 घंटों से रायपुर, बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के जिलों में बारिश का रौद्र रूप दिखा। वहीं आज बादल खुलने से जनजीवन पटरी पर लौटा है। बता दें कि औसतन 60 मिमी पानी बरसा, जो पूरे मानसूनी सीजन का एक नया रेकॉर्ड है। बारिश से नदी नाले उफान पर है। इधर शबरी पुल के सिर पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जानकारी के अनुसार महज 4 फीट नीचे महानदी का पानी बह रहा है। बता दें कि गंगरेल से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ा है।
पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश जगदलपुर में 274.2 मिमी और रायपुर में 117.4 मिमी दर्ज की गई। जगदलपुर में 6 साल (पिछला रेकॉर्ड 6 सितंबर 2019 को 288.5 मिमी) और रायपुर में 2 साल पुराना रेकॉर्ड टूटा है। मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 1123.4 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य के बराबर है। सीजन में सर्वाधिक बारिश नारायणपुर (1595.7 मिमी) में हुई, जबकि सबसे कम बारिश बेमेतरा (596.3 मिमी) और सरगुजा में दर्ज की गई है।
प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टरों और प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने आम जनता से उफनते नदी-नालों, जलप्रपातों और जलमग्न पुल-पुलियों से दूर रहने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अफवाहों से बचने, अनावश्यक यात्रा न करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल 112 या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने का आग्रह किया है।