
रायपुर. समाजवादी चिंतक. पूर्व केंद्रीय मंत्री, महासमुंद के पूर्व विधायक और रायपुर व दुर्ग के पूर्व लोकसभा सांसद पुरुषोत्तमलाल कौशिक का 5 अक्टूबर को गृहनगर महासमुंद में निधन हो गया। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ अध्यक्ष अजीत जोगी ने शोक संवेदना व्यक्त की है।
आपातकाल में जेल में रहे कौशिक
पुरुषोत्तम कौशिक ने गांव, गरीब और किसानों की बेहतरी के लिए आजीवन काम किया। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन में भी उनका अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान था। विधायक, सांसद और केन्द्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने जनता को अपनी यादगार सेवाएं दी। कौशिक ने आपातकाल के दिनों में लोकतंत्र की रक्षा के लिए भी संघर्ष किया और मीसा बंदी के रूप में जेल में रहे।
मोरारजी देसाई व चरणसिंह की कैबिनेट में रहे
पुरुषोत्तम कौशिक तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजीभाई देसाई के मंत्रिमंडल में मार्च 1977 से जुलाई 1979 तक केन्द्रीय पर्यटन और नागरिक विमानन मंत्री रहे। इसके बाद चौधरी चरणसिंह के मंत्रिमंडल में जुलाई 1979 से जनवरी 1980 तक केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री के रूप में देश के विकास में सराहनीय योगदान दिया।
पहली बार महासमुंद से विधायक बने
पुरुषोत्तम लाल कौशिक का जन्म 24 सितम्बर 1930 को महासमुंद में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1947 में रायपुर के सालेम स्कूल से मेट्रिक की परीक्षा पास की। उन्होंने वर्ष 1951 में सागर विश्वविद्यालय से बीए तथा 1954 में नागपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने वकालत शुरू की। कौशिक 1972 से 1977 तक तत्कालीन मध्यप्रदेश विधानसभा में महासमुंद क्षेत्र से विधायक रहे। इसके बाद वर्ष 1977 में देश की छठवीं लोकसभा के लिए रायपुर से सांसद निर्वाचित हुए। कौशिक वर्ष 1989 में नवमी लोकसभा के लिए दुर्ग (छत्तीसगढ़) से भी सांसद चुने गए थे। वह वर्ष 1984 और 1990 में रेलवे कन्वेंशन कमेटी के अध्यक्ष, वर्ष 1984-85 में भारतीय रेलवे मेंस यूनियन के अध्यक्ष और वर्ष 1990 में केन्द्रीय इस्पात और खान मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य रहे।