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झीरम घाटी हमले पर फैसले से पहले मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान, पूर्व सीएम भूपेश बघेल से कही ये बात

Chhattisgarh News: झीरम घाटी हमले पर अंतिम फैसला 5 सितंबर को आएगा। इससे पहले राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गया है। भूपेश बघेल के बयान पर मुख्यमंत्री साय ने पलटवार किया है..
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रायपुर

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 31 Aug 2026, 4:40 PM IST

Chhattisgarh News,

झीरम घाटी हमले पर फैसले से पहले मुख्यमंत्री साय का बयान ( Photo - Patrika )

Jhiram Ghati Attack: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हमले पर फैसले की नई तारीख आ गई है। (NIA) एनआईए कोर्ट ने अब 5 सितंबर को फैसला सुनाएंगी। इधर झीरम घाटी हमले को लेकर सामने आए पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बयान के बाद मुख्यमंत्री साय ने हमला बोला है। सीएम ने कहा कि भूपेश बघेल 5 साल मुख्यमंत्री रहे। उस दौरान झीरम का प्रमाण जेब में लेकर घूमने की बात करते थे, वे सिर्फ बोलते रह गए, उन्हें मुख्यमंत्री रहते कुछ करना था।

Chhattisgarh News: भूपेश को चिंता होती तो कुछ न कुछ जरूर करते

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि झीरम हमले में कांग्रेस पार्टी ने अपने नेताओं को खोया है। भूपेश बघेल को चिंता होती तो 5 साल में कुछ ना कुछ करते। बता दें कि एनआईए कोर्ट के फैसले से पहले भूपेश बघेल ने मीडिया को बड़ा बयान दिया था, जांच पर सवाल उठाते हुए बघेल न कहा कि झीरम घटना की जांच NIA ने सही से नहीं की। दरभा थाने में जो FIR लिखा गया, जो धाराएं लगी और जिन लोगों के नाम का उल्लेख था उनसे पूछताछ नहीं हुई।

लोग घटनास्थल पर थे उनसे पूछताछ तक नहीं: भूपेश बघेल

NIA ने झीरम घाटी में जो लोग घटनास्थल पर थे, उन सब से भी पूछताछ नहीं की। ये षड्यंत्र किसने किया, उसमें उन्होंने एक कदम भी नहीं रखा। हमने जांच को राज्य सरकार को सौंपने की बात कही और सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार के पक्ष में फैसला आया लेकिन विष्णुदेव की सरकार में ना एसआईटी गठन हुआ, ना जांच के आदेश दिए गए। भाजपा लगातार इसे दबाने का काम कर रही है।

पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिहंदेव ने भी उठाए सवाल

एनआईए कोर्ट के संभावित फैसले से पहले पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने हमले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। सिंहदेव ने कहा कि वे खुद झीरम घटना के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं। उन्होंने जगदलपुर पहुंचकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के सामने अपनी आंखों देखी घटना का बयान दर्ज कराया था। सिंहदेव के मुताबिक, घटना के दिन पूरे इलाके में पुलिस की मौजूदगी बेहद कम थी और रास्ते में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात नहीं था।

जांच एजेंसी के सामने दिए बयान

टीएस सिंहदेव ने कहा कि झीरम घाटी में जिस दिन हमला हुआ, उस समय पूरे इलाके में पुलिस की मौजूदगी लगभग शून्य थी। उनके मुताबिक, घटना वाले मार्ग पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात नहीं था। सिंहदेव ने कहा कि घटना से जुड़े सुरक्षा इंतजाम और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी उन्होंने जांच एजेंसी के सामने अपने बयान में दी है। अब उन्हें उम्मीद है कि इन तथ्यों को मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में उचित स्थान मिलेगा।