हड़ताल पर गए शिक्षाकर्मी सरकार की चेतावनी के बाद भड़क गए हैं। शिक्षाकर्मियों ने परिवार सहित संविलियन रैली निकालने की तैयारी की है।
रायपुर . संविलियन और नियमितिकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर गए शिक्षाकर्मी सरकार की चेतावनी के बाद भड़क गए हैं। शिक्षाकर्मियों ने परिवार सहित संविलियन रैली निकालने की तैयारी की है। हालांकि अभी रैली की तिथि तय नहीं हुई है।
शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के संयोजक संजय शर्मा व वीरेन्द्र दुबे ने बताया कि सरकार के रुख के हिसाब से आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। इधर, सरकार सख्ती के मूड में है। सीएम डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भी कार्रवाई की ही बात हुई। कैबिनेट में लगभग सारे मंत्री हड़ताल के आगे नहीं झुकने की बात पर एकमत दिखे।
बताया जा रहा है कि एक मंत्री ने जानना चाहा कि शिक्षाकर्मियों पर कार्रवाई करने से ग्रामीण वोटर कहीं नाराज तो नहीं होगा। जवाब में कुछ मंत्रियों ने कहा, गांव वाले खुश होंगे, क्योंकि शिक्षाकर्मी स्कूल जाते ही नहीं हैं। वैसे जितने नाराज होंगे, उतने ही नए लोगों को नौकरी देने से लोग खुश भी होंगे।
इन बातों के अलावा शिक्षाकर्मियों की मांग के औचित्य आदि पर कोई चर्चा नहीं हुई। बताया जा रहा है कि सरकार शुक्रवार की शाम को प्रदेशभर के जिला पंचायत सीईओ से वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर हालात की रिपोर्ट लेगी। उसके बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू होगी। इससे करीब ढाई हजार शिक्षाकर्मियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
आज बांटेंगे मंत्री का समर्थन पत्र
प्रदेश के सभी विकासखण्डों में शिक्षाकर्मी शुक्रवार को भाजपा का 2003 और 2008 संकल्प पत्र बांटेंगे। साथ ही 2003 में वर्तमान पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर की ओर से तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी को लिखा गया अनुशंसा पत्र भी बांटकर आम जनता से समर्थन मांगेंगे।
अमरीका में रहने वाले छत्तीसगढि़यों ने भी जताई चिंता
नार्थ अमरीका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (नाचा) ने शिक्षाकर्मियों की हड़ताल पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को पत्र भी लिखा है। नाचा ने अपील की है कि इस मामले में मुख्यमंत्री हस्तक्षेप करें और हड़ताल समाप्त करवाएं। हड़ताल से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। पत्र में नाचा की ओर से कुछ सुझाव भी दिए गए हैं।
निर्वाचन पदाधिकारी ने सरकार को लिखा पत्र
हड़ताल से मतदाता पुनरीक्षण का काम प्रभावित हो रहा है। इसे देखते हुए मुख्य निवार्चन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने पंचायत विभाग के अपर मुख्य सचिव एमके राउत को पत्र लिखा है। पत्र में सुब्रत साहू ने तत्काल हड़ताल को खत्म कराने की दिशा में कार्यवाही करने का अनुरोध किया है। सुब्रत साहू ने अपने पत्र में लिखा है कि आयोग की तरफ से जिला निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया था, लेकिन इतनी संख्या में व्यवस्था नहीं हो पायी है।
लौटने के लिए नोटिस जारी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एमके राउत के निर्देश के बाद जिला पंचायतों ने परिवीक्षा अवधि वाले और तबादला लेने वाले शिक्षाकर्मियों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। बालोद के सीईओ ने परिवीक्षा अवधि वाले ६५७ शिक्षाकर्मियों को वापस लौटने के लिए २४ नवम्बर तक की मोहलत दी है। जबकि रायपुर सीईओ ने 25 नवम्बर तक का समय दिया है।