
Chhattisgarh Weather Update: प्रदेश में आखिरकार मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हुई। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड-बिहार क्षेत्र, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से अगले 48 घंटों में मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए भी प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। पिछले 24 घंटों में बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रायपुर में 20.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री और न्यूनतम 23.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य के करीब है।
प्रदेश में सर्वाधिक 8 सेमी बारिश मनेन्द्रगढ़ में दर्ज की गई। इसके अलावा बिल्हा और मैनपुर में 7-7 सेमी, पाटन में 6 सेमी तथा मुंगेली, गरियाबंद, जनकपुर-भरतपुर, रामानुजगंज, बैकुंठपुर, लोरमी, मगरलोड और चिरमिरी में 5 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। नगरी, कुकरेल, रतनपुर, पलारी और भाटापारा में 4 सेमी, जबकि धमतरी, पेंड्रारोड, सिमगा, बीजापुर और पिथौरा में 3 सेमी वर्षा दर्ज हुई।
लगातार हो रही बारिश से गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड की प्राकृतिक धरोहरें पूरे शबाब पर हैं। रविवार को देवधारा जलप्रपात, सिकासार जलाशय, गोडेना फाल और बोतलधारा में प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे।
तहसील मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर कुल्हाड़ीघाट की पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध बोतलधारा जलप्रपात इन दिनों करीब दो किलोमीटर की ऊंचाई से बोतल के आकार में धुआंधार गिरता नजर आ रहा है। यहां पहुंचने के लिए करीब छह किलोमीटर की दुर्गम पैदल ट्रैकिंग करनी पड़ती है, जिसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा रोमांच का अनुभव लेने पहुंच रहे हैं।
वहीं, पहाड़ों के बीच इन्द्रावन नदी पर स्थित 60 से 70 फीट ऊंचा देवधारा जलप्रपात भी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मानसून की बारिश से जलप्रपातों का सौंदर्य कई गुना बढ़ गया है, जिससे रविवार को इन पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिली। प्रशासन ने पर्यटकों से प्राकृतिक स्थलों का आनंद लेते समय सुरक्षा नियमों का पालन करने और फिसलन वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।