
Heavy Rain Alert: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सबसे ज्यादा असर बिलासपुर में देखने को मिला, जहां 28 सेंटीमीटर बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। सड़कों पर पानी भर गया, कई कॉलोनियां जलमग्न हो गईं और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले तीन घंटे के लिए 23 जिलों में येलो वार्निंग जारी की है, वहीं अगले 24 से 48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन घंटे के दौरान बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, बस्तर, बेमेतरा, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM), जांजगीर-चांपा, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG), कोरबा, महासमुंद, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, लेकिन बिलासपुर में बादल सबसे ज्यादा मेहरबान रहे। यहां 28 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। कई सड़कें पानी में डूब गईं और निचली बस्तियों में घरों तक पानी पहुंच गया। लगातार बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई।
राजधानी रायपुर में सुबह से आसमान पर काले बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार (18 जुलाई) को भी रायपुर और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहेंगे तथा बारिश की संभावना बनी हुई है। अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए रायपुर, बलौदाबाजार, बेमेतरा, दुर्ग, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरबा, महासमुंद और सक्ती जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में जलभराव, नदी-नालों के उफान और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में सक्रिय मानसूनी द्रोणिका (Monsoon Trough) अमृतसर, चंडीगढ़, शाहजहांपुर, बस्ती, पटना और निम्न दबाव के केंद्र से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ ही उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र में 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी सक्रिय है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है।
गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें।
पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें।
जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही न करें।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोग विशेष सतर्कता बरतें।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे कुछ इलाकों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।