Holashtak 2025: इस साल 6 मार्च से 14 मार्च तक होलाष्टक रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्क प्रारंभ हो जाता है।
Holashtak 2025: होली का पर्व 14 मार्च को परंपरातगत ढंग से मनाया जाएगा। इसके पहले 6 मार्च से होलाष्टक शुरू हो जाएगा। इससे 8 दिनों तक मांगलिक कार्य, गृह प्रवेश समेत अन्य शुभ कार्यों पर पूरी तरह से ब्रेेक लग जाएगा। उल्लेखनीय है कि फाल्गुन माह में होली का पर्व मनाया जाता है।
इस साल शुभ संयोगों में यह पर्व परंपरातगत ढंग से मनाया जाएगा। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। बोरियाकला में शंकराचार्य आश्रम के दंडी स्वामी इंदुभवानंद तीर्थ ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होलिका दहन के 8 दिन पूर्व होलाष्क शुरू हो जाता है।
इस साल 6 मार्च से 14 मार्च तक होलाष्टक रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्क प्रारंभ हो जाता है, जिसका प्रभाव पूर्णिमा तक रहता है। इधर होलाष्टक शुरू होने के साथ ही विवाह, सगाई, नया खरीददारी, जमीन-मकान खरीददारी समेत अन्य कार्यों पर पूरी तरह से ब्रेक लग जाएगा।
Holashtak 2025: होलाष्टक के पहले दिन चंद्रमा, दूसरे दिन सूर्य, तीसरे दिन शनि, चौथे दिन शुक्र, पांचवें दिन गुरू, छठे दिन बुध और सातवें दिन मंगल और राहू ग्रह की उग्रता के चलते होलाष्टक में सभी कार्य वर्जित होते हैं। पंडितों ने बताया कि ग्रहों की अनुकू लता में किए गए मांगलिक कार्य और अनुष्ठान अधिक सफल होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन दिनों में किए गए विवाह, मांगलिक कार्य से घर में कलह, विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है।