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Chhattisgarh Bharatmala Project: दिसंबर में शुरू होगा 6 लेन एक्सप्रेस-वे, 4 राज्यों को जोड़ेगा नया इकोनॉमिक कॉरिडोर, मिलेगा बड़ा फायदा

6 Lane Expressway Chhattisgarh: भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा 6 लेन आरंग–दुर्ग इकोनॉमिक कॉरिडोर अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। करीब 92 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से रायपुर शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा...

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रायपुर

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Khyati Parihar

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अजय रघुवंशी

Jun 01, 2026

Chhattisgarh Bharatmala Project

6 लेन कॉरिडोर से बदल जाएगा ट्रांसपोर्ट सिस्टम (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर @अजय रघुवंशी। Chhattisgarh Bharatmala Project: भारी वाहनों के बढ़ते दबाव से जूझ रही राजधानी की सड़कों को इस साल के अंत तक बड़ी राहत मिलने जा रही है। भारतमाला परियोजना के तहत तैयार हो रहा 92 किलोमीटर लंबा आरंग-दुर्ग बायपास व 6 लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। एनएचएआई के अधिकारियों क मुताबिक प्रोजेक्ट का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके शुरू होते ही रायपुर शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। खासकर रिंग रोड नंबर-1 और मुख्य शहरी मार्गों पर ट्रैफिक का बोझ घटने से रोजाना आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

यह कॉरिडोर छत्तीसगढ़ को ओडिशा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से तेज और सीधी सड़क कनेक्टिविटी देकर व्यापार और परिवहन को भी नई रफ्तार देगा। एक्सप्रेस-वे पर व्यवस्थित यातायात संचालन के लिए छह एंट्री-एग्जिट प्वाइंट और प्रमुख जंक्शन विकसित किए जा रहे हैं, ताकि लंबी दूरी के वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना सीधा रास्ता मिल सके। इसके दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है।

कहां से गुजरेगी सड़क

करीब 2281 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को दो हिस्सों में तैयार किया जा रहा है। पहले चरण में टेडेसरा से ग्राम खट्टी तक लगभग 44 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जबकि दूसरे चरण में खट्टी से आरंग तक करीब 48.5 किलोमीटर का हिस्सा विकसित किया जा रहा है।

भारतमाला परियोजना के तहत तैयार हो रहा यह 6 लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर राजनांदगांव जिले के टेडेसरा से शुरू होगा। यहां से यह मार्ग दुर्ग जिले में प्रवेश करते हुए थनौद, उतई और पाटन से होकर आगे बढ़ेगा। इसके बाद सड़क अभनपुर के पास जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को क्रॉस करेगी और नवा रायपुर में जंगल सफारी के पीछे से गुजरते हुए आरंग तक पहुंचेगी।

स्टील, ऑटोमोबाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एग्री प्रोडक्ट को फायदा

विशेषज्ञों के मुताबिक नई इकोनॉमिक कॉरीडोर से स्टील, ऑटोमोबाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और एग्री प्रोडक्ट को फायदा मिलेगा। रायपुर ऑटोमोबाइल्स डीलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कैलाश खेमानी ने बताया कि नए एक्सप्रेस-वे से अन्य राज्यों के बीच फासला तय करने में समय की बचत होगी। मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के महासचिव मनीष धुप्पड़ ने बताया कि स्टील सेक्टर को इस नए कॉरीडोर से सड़क परिवहन में काफी मदद मिलेगी।

10 बड़े पुल और 30 अंडरपास का निर्माण

पूरे प्रोजेक्ट में 10 बड़े पुल और अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। यह बायपास न केवल अंतर-राज्यीय व्यापार और माल ढुलाई को तीव्र करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक शहरों के बीच सिग्नल-फ्री और अत्यधिक सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगा। इस प्रोजेक्ट में सफर को पूरी तरह सिग्नल-फ्री और जाम-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।