CG News: बीपी नंबर का बिल ऑनलाइन ऐप में चेक करता है, तो उसका ज्यादा दिखा रहा। कुछ उपभोक्ताओं के यहां ज्यादा खपत होने के बाद भी 40-50 रुपए का फिजिकल बिल अक्टूबर माह में आया है।
CG News: छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (सीएसपीडीसीएल) में बिजली बिल भेजने को लेकर भारी गड़बडी चल रही है। रीडिंग लेने वाले कर्मचारियों द्वारा फिजिकल बिल कम रुपए का दिया जा रहा है। वहीं, जब उपभोक्ता अपने बीपी नंबर का बिल ऑनलाइन ऐप में चेक करता है, तो उसका ज्यादा दिखा रहा। कुछ उपभोक्ताओं के यहां ज्यादा खपत होने के बाद भी 40-50 रुपए का फिजिकल बिल अक्टूबर माह में आया है।
जबकि, ऐप में बिजली बिल शून्य दिखा रहा है। इससे आम उपभोक्ता बेहद परेशान हैं और बिजली कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। बिजली बिल की गड़बड़ी केे संबंध कई उपभोक्ताओं ने पत्रिका को फोन कर ऐसे मामलों को बताया है।
किसी-किसी उपभोक्ता के यहां तो बिजली बिल का भुगतान करने के बाद भी ऐप में पुराना भुगतान बकाया दिखा जा रहा है। ऐसा मामला सड्डू मोवा इलाके में देखने को मिला है। उपभोक्ता ने पिछला भुगतान ऐप के जरिए कर दिया था। लेकिन, अक्टूबर माह में जो बिल आया है, उसमें पिछला बकाया दिखा रहा है।
हाफ बिजली योजना का दायरा सीमित होने से लोगों का बिल दोगुना से ज्यादा आने लगा है। ऐसे में इसका बोझ किराए पर रहने वाले लोगों पर आ रहा है। मकान मालिक जो पहले 5-6 रुपए प्रति यूनिट खपत का बिल लेता है। अब उसने बढ़ाकर 8-9 रुपए प्रति यूनिट कर दिया है। इससे किराएदार परेशान हैं। ऐसा ही मामला लोधीपारा में आया है, जहां किराएदारों में अक्टूबर से 8-9 रुपए प्रति यूनिट बिल देने का अल्टीमेटम मकान मालिक ने दिया है। उल्लेखनीय है कि, अब उपभोक्ताओं को 100 से अधिक यूनिट बिजली खर्च करने पर पूरी खपत का बिजली बिल चुकाना पड़ रहा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में सीएसपीडीसीएल में फील्ड में काम करने वाले अनुभवी कर्मचारियों और अधिकारियों की भारी कमी है। पहले जो फील्ड में काम कर रहे थे, उन्हें ऑफिस में बैठा दिया गया है और जो ऑफिस में काम करने वाले थे उन्हें फील्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी कारण फील्ड के कामों में भारी गड़बड़ी देखने को मिल रही है।
केस-1: भीमनगर के एक उपभोक्ता के यहां 1 किलोवाट का कनेक्शन है। उसके यहां फिजिकल बिजली बिल ऊपर 240 रुपए है और नीचे टोटल में 40 रुपए बकाया दिखा रहा है। जबकि, ऐप में कुछ भी बकाया दिखा ही नहीं रहा है। ऐसे में उपभोक्ता बिजली बिल भरने से परेशान है।
केस-2: शिवानंद नगर के महादेव सरकार नाम के उपभोक्ता का फिजिकल बिल 10० यूनिट खपत का ३४0 रुपए आया है। जबकि, ऐप में बिजली बिल 1900 रुपए दिखा रहा है। अब उपभोक्ता परेशान है कि भुगतान फिजिकल बिल का करे या ऐप में जो बकाया दिखा रहा है उसका करे।
बिजली बिल में मिल रही गड़बड़ी से उपभोक्ता काफी परेशान हैं। उनकी समझ में नहीं आ रहा कि वे क्या करें। बिल का भुगतान करें या बाद में करें। इस संबंध में शिकायत कहां पर करें। टोल फ्री नंबर में या बिजली कार्यालयों में। उपभोक्ताओं का कहना है कि सीएसपीडीसीएल को ऐसी गड़बड़ी की शिकायत के लिए एक व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे उपभोक्ता की समस्याओं का तत्काल निराकरण हो।
आप बीपी नंबर और उपभोक्ता संबंध में जानकारी भेजिए। देखने के बाद ही कुछ बता सकता हूं। बिना बिल देखे कुछ भी नहीं बोला जा सकता।
-भीम सिंह कंवर, एमडी सीएसपीडीसीएल