
रायपुर. प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के पहले ही सेंट्रल एजेंसियां अभी से तैयारी में जुट गई हैं। जुलाई में मुख्य निर्वाचन कार्यालय के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद से सेंट्रल एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। दूसरे राज्यों से आने मालवाहक वाहन और यात्रियों के साथ ही बार्डर पर नजर रखी जा रही है।
प्रदेश में आदर्श आचार संहित के लागू होने के बाद बार्डर से लेकर एयरपोर्ट,रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड और बाजार में टीम को तैनात किया जाएगा। वहीं बैंकों में होने वाले बड़े ट्रांजेक्शन पर नजर रखी जाएगी। इस दौरान किसी भी तरह का संदेह होने पर संबंधित पक्ष को बुलवाया जाएगा। बता दें कि 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के पहले रायपुर एयरपोर्ट पर 2 करोड़ की नकदी और 4 करोड़ की ज्वैलरी पकड़ाई थी।
हवाला कारोबारी सक्रिय
चुनाव के दौरान हवाला कारोबारी और उनके गुर्गे सक्रिय हो जाते है। उनके जरिए ब्लैकमनी, ज्वेलरी और बेशकीमती सामान भेजने का सिलसिला बढ़ जाता है। इसे विमानों, रेलगाड़ियों और सड़क के रास्ते लाया जाता है। वहीं चुनाव के दौरान मतदाताओं को वितरित किए जाने वाले प्रतिबंधित सामानों का परिवहन बढ़ जाता है।
105 नए चेकपोस्ट बनाए जाएंगे
राज्य निर्वाटन आयोग के निर्देश पर राज्य के बॉर्डरों पर जल्दी ही 105 नए चेक पोस्ट बनाए जाएंगे,इसमें राज्य पुलिस के 23, आबकारी विभाग के 31, परिवहन विभाग के 16 और वन विभाग के 35 चेकपोस्ट शामिल हैं।
यहां अतिरिक्त बल की तैनाती कर आवागमन करने वालों वाहनों की सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। बता दें कि इस समय परिवहन विभाग के 16, राज्य पुलिस के करीब 35 और वन विभाग के 45 से अधिक चेकपोस्ट पर वाहनों की जांच की जाती है।
संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर रहेगी नजर
आचार संहिता लागू होने के बाद 50000 रुपए से ज्यादा का लगातार लेनदेन करने वाले आयकर विभाग की रडार पर रहेंगे। बैंकों के जरिए होने वाले संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी ली जाएगी।
किसी भी तरह का संदेह होने पर तत्काल संबंधित लेनदेन करने वाले तो तलब किया जाएगा। साथ ही रकम का हिसाब नहीं देने पर उसे जब्त कर लिया जाएगा। वहीं आयकर अधिनियम 1961 के तरह कार्रवाई की जाएगी।
आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी को बिना वजह परेशान नहीं किया जाएगा। कारोबारियों और उद्योगपतियों द्वारा बड़ा लेनदेन किया जाता है। इसलिए वेरिफिकेशन करने के बाद ही आईटी की टीम एक्शन लेगी।