
दीपक ठाकुर@कवर्धा. अगर आपके घर में कोई बुजुर्ग रहते है तो अब आपको उनकी जानकारी पुलिस को देनी होगी। जी हां, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अब प्रदेश के सीनियर सिटीजन की कुंडली तैयार की जाएगी। विभाग का मानना है कि 60 वर्ष पार होने के बाद सबसे अधिक बुजुर्ग अपने ही घर में प्रताडि़त होते हैं। वह कभी शिकायत भी नहीं करते, क्योंकि वह उनके ही संतान हैं। लेकिन सहनशीलता खत्म हो जाती है तो वे खुद ही कुछ कर बैठते हैं या घर छोड़कर चले जाते हैं।
एक उम्र के बाद बुजुर्गों में चिंता बढ़ जाती है जिससे परिवार के लोगों को लगता है कि वह चिड़चिड़े हो गए हैं। बुजुर्गों को बुराभला कहने लगते हैं, जिससे वह घूट-घूटकर जीते रहते हैं। वहीं जब बुजुर्ग होने पर काम करना बंद कर देते हैं तो बेटा-बहू समय पर खाना तक नहीं देते। अधिक काम कराना व ताना मारना जैसे घटना होती रहती है। इसके चलते ही वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की संख्या बढ़ जाती है।
जिले के सभी पुलिस थाना व चौकियों में सीनियर सिटीजन के लिए अलग से डेस्क लगाया जाएगा। जिससे वे अपनी समस्या अधिकारी को खुलकर बता सके।
जिले के सभी पुलिस थाना व चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों की सूची बनाएं। इसमें उनके साथ कौन और कब से रहे रहे हैं। वे क्या करते हैं। सूची बनाकर अपने पास रखे और समय-समय पर उनसे मिलकर उन्हें हो रही समस्या की जानकारी लें, ताकि बुजुर्ग समय रहते अपनी समस्या पुलिस को बता सके।
कबीरधाम के एसपी डॉ लाल उमेंद सिंह ने बताया कि पुलिस थाना व चौकियों में सीनियर सिटीजन के लिए डेक्स लगाया जाएगा, ताकि वे पुलिस के सामने घरबनाएं न। वहीं परिवार में किसी प्रकार की समस्या है तो भी वे बता सकते हैं। सीनियर सिटीजनों की जानकारी भी तैयार की जाएगी।