रायपुर

एमपी में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के बाद शहर की अवैध दुकानों को मिला नोटिस, फिर भी चल रहे कारोबार

गणेश पूजा से शुरू हुए त्योहारी सीजन में शहर में जमी पटाखा दुकानों में बारूद का स्टॉक भरने लगा है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है

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Aug 25, 2018
patakha
एमपी में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के बाद शहर की अवैध दुकानों को मिला नोटिस, फिर भी चल रहे कारोबार

रायपुर . शहर की 160 से 10 पटाखा दुकानों को छोडक़र बाकी की बिना लाइसेंस के बेखौफ चल रही हैं। जबकि हाईकोर्ट के आदेशानुसार राजधानी की सभी पटाखा दुकानों को शहर से बाहर करना है। कहने को तो दुकाने शहर के बाहर करने की कवायद बीते 4 वर्षों से चल रही है। जिला प्रशासन द्वारा पटाखा व्यापारियों की दी गई मियाद को बार-बार बढ़ाया जा रहा है। इधर गणेश पूजा से शुरू हुए त्योहारी सीजन में शहर में जमी पटाखा दुकानों में बारूद का स्टॉक भरने लगा है, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इस संबंध में एडीएम ने दो बार पटाखा कारोबारियों को नोटिस भी दिया, लेकिन एक भी दुकानदार ने न तो उसका जवाब दिया और न ही शिफ्टिंग के लिए हामी भरी।

बीते साल मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के पेटलावाद में पटाखा फैक्ट्री में पिछले साल हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन ने शहर के करीब 160 स्थायी पटाखा का कारोबार करने वालों को दुकानें शहर के बाहर शिफ्ट करने के लिए नोटिस भेजा गया था। पहले 24 दिसंबर 2015 तक दुकानें शिफ्ट करने की बात कही गई, लेकिन कारोबारियों ने दबाव बनाया तो शिफ्टिंग की मियाद बढ़ाकर 15 मार्च 2016 कर इसके बाद यह बढ़ा कर ३० नवंबर २०१७ कर दी गई थी। अब बिना लाइसेंस के ही राजधानी की पटाखा दुकाने संचालित हो रही हैं।

प्रदेश में पटाखों का सबसे बड़ा बाजार राजधानी का है। यहां से प्रदेश के अधिकांश इलाकों में पटाखों की सप्लाई होती है। त्योहारों में पटाखे का कारोबार कई गुना बढ़ जाता है। आम दिनों में हर माह 2 करोड़ का व्यापार होता है। बतादें राजधानी के लाइसेंसधारी स्थाई पटाखा कारोबारियों को 400 किलोग्राम तक पटाखा रखने की अनुमति है। अब बिना लाइसेंस के ही दुकान संचालकों द्वारा इससे ज्यादा स्टॉक जमा कर लिया गया है। यदि किसी दुकान में हादसा होने की स्थिति में हजारों लोग चपेट में आ सकते हैं।

कलक्टर के आदेशानुसार शहर के सभी 160 पटाखा और विस्फोटक के दुकान संचालकों को आदेश जारी किया था, कि सभी दुकानों को शहर से बाहर कर ले। जिसके खिलाफ दुकानदारों ने हाईकोर्ट में अपील करके फैसले को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने भी 11 अप्रैल को अपना फैसला सुनाते हुए शहर से दुकानों को बाहर करने का निर्देश जारी किया था।

रायपुर के कलक्टर ओपी चौधरी ने कहा कि १० व्यापारियों का लाइसेंस सशर्त रिनिवल किया गया था। बाकी को शहर से बाहर दुकानों को ले जाने के निर्देश दिया गया है। निर्देश न मानने वालों पर कड़ी कर्रवाई होगी।

Published on:
25 Aug 2018 10:23 am