राजधानी के पंडरी में बनेगा ज्वैलरी पार्क, इमारत में होंगे 2000 शोरूम और ऑफिस।
रायपुर. जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क को लेकर प्रदेश के सराफा कारोबारियों की बरसों पुरानी मांग पूरी हो चुकी है। राज्य सरकार ने पंडरी के कृषि उपज मंडी के बगल में खाली जमीन पर जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क के लिए 10 लाख वर्गफीट जमीन को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद उत्साहित रायपुर सराफा एसोसिएशन ने मंगलवार को सदर बाजार स्थित महावीर भवन में सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि राजधानी का जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क देश का चौथा बड़ा पार्क होगा। 10 मंजिला इस पार्क में 2000 शोरूम व ऑफिस होंगे। मुंबई, कोलकाता और सूरत के बाद देश का चौथा सबसे बड़ा पार्क होगा। सम्मान समारोह के पहले मुख्यमंत्री ने ऋषभदेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली मांगी। इसके बाद सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू के नेतृत्व में सराफा कारोबारियों ने फूल माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया।
अफसरों की टीम कोलकाता में
हरख मालू ने बताया कि दस मंजिला पार्क में दो हजार दुकानें बनाई जाएंगी। यह सर्वसुविधा युक्त होगा और पुख्ता सुरक्षा को लेकर सारी व्यवस्था की जाएगी। जहां तक भवन के डिजाइन की बात है तो वह भी सराफा कारोबारियों से विचार-विमर्श करके तैयार की जा रही है। भवन के बाहरी आवरण का डिजाइन तैयार कर लिया गया है। औद्योगिक विकास निगम के अफसरों को जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के अध्ययन के लिए कोलकाता भेजा गया है। इसके बाद उन्हें मुंबई भी भेजा जाएगा, ताकि रायपुर में बनने वाले पार्क की गुणवत्ता और सुविधाओं में किसी तरह की कमी न रहे। कार्यक्रम में महापौर प्रमोद दुबे, एजाज ढेबर, कस्तूरचंद बुरड़, शिवराज भंसाली, नरेंद्र भाई संघाणी, मन्नू भाई शाह, प्रहलाद सोनी, भीखमचंद कोचर, अशोक मालू, जितेंद्र बरलोटा, त्रिलोक बरडिय़ा, लक्ष्मीनारायण लाहोटी, अनिल कुचेरिया सहित एसोसिएशन के अनेक पदाधिकारी सदस्य उपस्थित थे।
2 दिन में पूरी हो गई वर्षों पुरानी मांग
सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू ने कहा कि जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क की मांग सालों पुरानी है। हाल ही में 13 नवंबर को एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर यह मांग रखी और महज 2 दिन के अंदर ही उन्होंने कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दे दी। सराफा एसोसिएशन की मांग को गंभीरता से लेते हुए उसे पूरा करने के लिए सभी सराफा कारोबारी सीएम का आभार मानते हैं। इस फैसले से सभी को लाभ होगा। रिफाइनरी, कटिंग और पॉलिसिंग का हब बनने से जहां सराफा कारोबारियों को महानगरों की ओर नहीं जाना पडेगा, वहीं स्थानीय रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
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