रायपुर

Engineering in Hindi: अब राज्य में पहली बार हिंदी में कर सकेंगे इंजनियरिंग, इस विश्वविद्यालय ने की पहल

Engineering in Hindi: जो बच्चे हिंदी मीडियम में पढ़ रहे हैं और 12वीं के बाद इंजनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन उन्हें अंग्रेजी में सिलिबेस होने की वजह से पढ़ने दिक्कत होती थी, अब उन छात्रों को कोई दिक्कत नहीं होगी.

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Jul 18, 2022

Engineering in Hindi: रायपुर. हिंदी मीडियम से पढाई कर रहे बच्चों के लिए एक राहत भरी खबर है, भिलाई के स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी की ओर से पहली बार बीई फर्स्ट ईयर कोर्स पूरी तरह से हिंदी में कराए जाने को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है. इसके लिए 5 किताबों का चयन किया गया है, जो बच्चे हिंदी मीडियम में पढ़ रहे हैं और 12वीं के बाद इंजनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन उन्हें अंग्रेजी में सिलिबेस होने की वजह से पढ़ने दिक्कत होती थी, अब उन छात्रों को कोई दिक्कत नहीं होगी.

कुछ इंग्लिश शब्द भी होंगे
अब ऐसे छात्रों की पढ़ाई करने के लिए पांच ऐसी पुस्तक का चयन किया गया है जो कि हिंदी में होंगी. हालांकि सामान्य बोलचाल की भाषा में कुछ इंग्लिश शब्दों का भी उल्लेख होगा, स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग कॉलेज में अगले सत्र यानी 2023-24 से हिंदी का कोर्स पढ़ाया जाएगा.

5 किताबों का हिंदी में अनुवाद
बीई फर्स्ट ईयर की पढ़ाई करने वाले बच्चे परीक्षा भी हिंदी में दे सकेंगे. सीएसवीटीयू ने बताया कि इंजीनियरिंग ग्राफिक्स एंड डिजाइन एप्लायड फिजिक्स, बेसिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग वर्कशॉप मैन्युफैक्चरिंग एंड प्रैक्टिसेंस और एप्लायड केमेस्ट्री की बुक्स को हिंदी में तैयार किया गया है. इंजीनियरिंग का यह कोर्स अंग्रेजी से अनुवाद करके भी बनाया गया है और कुछ नई किताबें भी लिखी गई है. ये सभी बीई बीटेक फर्स्ट ईयर की कोर्स के लिए होगी. छत्तीसगढ़ में पहली बार इंजीनियरिंग की पढ़ाई दो भाषा में होने जा रही है. हिंदी में इंजीनियरिंग कोर्स करना ऑप्शनल होगा, छात्र अपनी पसंद के अनुसार भाषाओं का चयन कर सकते हैं.

हिंदी मीडियम वालों को होगी आसानी
इंजीनियरिंग की इन 5 किताबों को अंग्रेजी भाषाओं का ट्रांसलेशन करके हिंदी में बनाया गया है. कुछ नई किताब भी इस कोर्स में शामिल की गई है. बता दें कि इन 5 किताबों में पूरे शब्द हिंदी के नहीं होंगे कुछ शब्द इंग्लिश के भी होंगे जो सामान्य बोलचाल की भाषा में उपयोग किया जाता है, सीएसवीटीयू ने बताया कि 12वीं पास करने के बाद जो बच्चे हिंदी मीडियम से है उनको इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने में दिक्कत होती थी इसलिए इंजीनियरिंग फर्स्ट ईयर में ही ऐसी पांच किताबों का चयन किया गया है जो हिंदी में होगी ताकि बच्चों को पढ़ाई करने में आसानी हो.

Published on:
18 Jul 2022 02:48 pm
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