रायपुर

CG News: रायपुर में बनेगा इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, 95 करोड़ की लागत से होगा तैयार

CG News: प्रदेश के सभी शासकीय अधिकारियोें- कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

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Mar 13, 2026

CG News: @संतराम साहू। विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6976 करोड़ 54 लाख रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित हुई।

अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए विभागीय मंत्री जायसवाल ने कहा, राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं संकल्प पर आधारित होंगीं। इसमें एस- सशक्त संस्थान, ए- उत्कृष्ट अकादमिक, एन- नवोन्मेषी अनुसंधान, के- कौशल एवं क्लीनिकल दक्षता, ए- आधुनिक चिकित्सा सुविधा, एल- जीवन रक्षक अधोसंरचना तथा पी- पारदर्शी प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी शामिल हैं। चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के विधायकों द्वारा दिए सुझाव और मांग पर सकरात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

मंत्री ने बताया कि रायपुर में मध्य भारत के सबसे आधुनिक इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के लिए 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रयोगशाला के शुरू होने से राज्य को दिल्ली जैसे महानगरों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी एवं छत्तीसगढ़ के साथ अन्य सीमावर्ती राज्यों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं मिल सकेेंगी। उन्होंने कहा, प्रदेश के सभी शासकीय अधिकारियोें- कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

सरकार का उद्देश्य है कि इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे। प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। मंत्री ने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी, जिससे कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधा प्रदेश में ही उपलब्ध हो सकेगी।

मंत्री ने कहा, राज्य सरकार समाज के पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के लिए मांग संख्या 66 के तहत कुल 251 करोड़ 68 लाख 38 हजार रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

सरकार अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के इलाज में हो रहा फर्जीवाड़ा : विपक्ष

अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के विधायकों ने ढेरों खामियां गिनाई। विधायक संगीता सिन्हा, रामुकुमार यादव, व्यास कश्यप, दलेश्वर साहू, कुंवर निषाद ने कहा, प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। आयुष्मान योजना का सरकारी अस्तपालों में भी फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। डॉक्टरों और कर्मचारी ने इसे वसूली का साधन बना लिया है। प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान से इलाज नहीं हो रहा है।

आम गरीब लोग आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने के लिए जनप्रतिनिधियों के पास चक्कर काटने को मजबूर है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक केंद्रों में डाॅक्टरों और स्टॉफ की भारी कमी है। लोगों को इलाज के लिए शहर की ओर भागना पड़ता है। एंबुलेेंस के अभाव में मरीज रोड एक्सीडेंट में दम तोड़ रहे हैं। शासन को इन सभी व्यवस्थाओं को सुधारने की जरूरत है।

Updated on:
13 Mar 2026 11:16 am
Published on:
13 Mar 2026 11:15 am
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