
International Women’s Day: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला पत्रकारों से विशेष चर्चा के दौरान नारी शक्ति की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, लोकसेवा, राजनीति ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जहां बेटियां अपना परचम न लहरा रही हों। उन्होंने बस्तर की लड़कियों के लिए चलाई जा रही विशेष योजनाओं की भी जानकारी दी।
सवाल: बस्तर की महिलाएं जो किसी मजबूरी के कारण नक्सलवाद की तरफ मुड़ गईं और वापस मुख्यधारा में लौट रही हैं इस पर आप क्या कहना चाहेंगे?
सीएम: ऐसी महिलाओं के साथ राज्य और केंद्र सरकार हमेशा खड़ी रहेगी। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री जी को भी उन महिलाओं की उतनी ही चिंता है जितनी हम लोगों को है। नक्सल प्रभावित बस्तर में मूलभूत सुविधाओं जैसे सडक़, बिजली, पानी के साथ ही शिक्षा पर भी फोकस कर रहे हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में स्कूल खोले जा रहे हैं। इसके साथ ही वहां चिकित्सा अच्छी हो, इस चिंता को दूर करने के लिए सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल की शुरुआत की गई है।
स्वास्थ्य के लिए पीएससी, सीएससी यह सब भी खोल रहे हैं। उनको रोजगार से भी जोडऩे का काम कर रहे हैं। उस क्षेत्र के लोग कृषि पर आधारित हैं तो उनके खेतों में पानी पहुंचे इसके लिए भी अभी दो सिंचाई योजना स्वीकृत कर रहे हैं। जनजातीय परिवारों को उनके प्रिय विषय पशुपालन को बढ़ावा दे रहे हैं।
परिचर्चा के दौरान पत्रिका ने सीएम से पूछा - आज की युवा लड़कियों के लिए आप क्या संदेश देंगे?
इस चर्चा में सीएम साय ने कहा कि - अब समय काफी आगे बढ़ गया है और आज जैसे मैंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं तो हमारी बेटियां भी हर क्षेत्र में आगे हैं। आज अगर हम किसी भी क्षेत्र में देखते हैं चाहे वह पढ़ाई-लिखाई का ही मामला क्यों ना हो जब हम हमारे पास आते हैं हमारी बेटियां आती हैं चाहे वह 10 बोर्ड एग्जाम चाहे 12 बोर्ड एग्जाम हो या सीजीपीएससी वगैरह हो यूपीएससी में भी इस बार दो हमारी बेटियां क्वालिफाइड हुई है छत्तीसगढ़ से इस तरह से आज किसी भी क्षेत्र में हमारी बेटियां पीछे नहीं है आगे बढ़ रही है और हमको लगता है कि परिवार का भी आशीर्वाद उनको मिलता है तो भी आगे बढ़ पा रही है और पढ़ाई-लिखाई में भी हर क्षेत्र में लडक़ों से कहीं हमारी बेटियां बहने आ गई है।
आपकी व्यस्तता अधिक रहती है, ऐसे में घर में मैडम सीएम और माताजी की क्या प्रतिक्रिया रहती है? उनके लिए क्या स्पेशल करते हैं?
मुस्कुराते हुए सीएम बोले - मैं इस मामले में बड़ा खुशनसीब हूं । वह मुझे हमेशा प्रोत्साहित ही करती है चाहे हमारी माता हो चाहे हमारी धनपत्नी हो हमको जनसेवा के क्षेत्र में मुझे बहुत सपोर्ट करती है बाकी वह कहते है की हम सब लोग घर बाल बच्चे सब को संभाल लेंगे सामाजिक जो भी जिम्मेदारी है सब संभाल लेंगे आप तो जनता के लिए और जनता के बीच में ही रहो तो इस तरह से कभी उनके तरफ से हमको कोई अड़चन या कोई मतलब व्यवधान नहीं आया बराबर हमको प्रोत्साहित ही उन्होंने किया है।
सवाल: पहले महतारी वंदन योजना और इस बार के बजट में आपने रानी दुर्गावती योजना दी है। इसके पीछे की एक पूरी सोच क्या है?
सीएम: जिस तरह से मुझे आगे बढ़ाने में मेरे जीवन में माता जी और पत्नी का योगदान रहा। छत्तीसगढ़ की संस्कृति भी है कि महिलाएं पूरा घर संभाल लेती हैं। इसी सोच के साथ हम लोग महतारी वंदन योजना शुरू किए। वैसे भी जो भी योजनाएं लाई जा रही हैं उसका उद्देश्य है महिलाओं को सबल बनाना, आर्थिक रूप से समृद्ध करना। इसी को पूरा करने के लिए रानी दुर्गावती योजना लाए हैं। प्रधानमंत्री ने लखपति दीदी की शुरुआत की और आज देश में 3 करोड़ दीदियां लखपति बन चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में भी 8 लाख दीदियां लखपति बनी हैं। इसको 10 लाख करने का लक्ष्य है।
सवाल: अच्छा सर, प्रधानमंत्री जी का कहना है कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ। उसमें छत्तीसगढ़ का कितना योगदान है?
सीएम: बहुत बड़ा योगदान है। जब लडक़ी को बोझ समझा जाता था। उनकी संख्या लगातार कम होती जा रही थी तो उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना लागू की। छत्तीसगढ़ में बेटी के जन्म पर खुशी मनाते हैं, लेकिन रायगढ़ जहां से मैं 20 साल तक सांसद था वहां समस्या आ रही थी। इसके पीछे कारण था कि आर्थिक रूप से सक्षम न होना। प्रधानमंत्री जी की योजना आने के बाद वह सब ठीक हो गया है।
पत्रिका ने पूछा सवाल: बेटी बचाओ की बात हो रही है तो महिलाओं की सुरक्षा के लिए और क्या कदम उठा रहे हैं?
सीएम: देखिए, सरकार वैसे तो सबकी सुरक्षा की चिंता कर रही है और लगातार महिला थाने भी खोले जा रहे हैं। रायपुर में पुलिस कमिश्नरी लागू की गई है। इसी का नतीजा है कि इस बार की होली भी बिल्कुल शांति से मनाई गई। कमिश्नरी बनने के बाद अपराध में कमी आई है। इतना तक कि विपक्ष के लोग भी हमको धन्यवाद दिए कि आपका एक कमिशनरी लागू करने का अच्छा असर देखने को मिल रहा है। तो हम लोग नारी सुरक्षा के लिए वचनबद्ध हैं।
सवाल: इतने सालों में मैडम (पत्नी कौशल्या साय) किसी बात पर नाराज हुई हैं क्या? जैसे कभी आपने कह दिया हो कि फिल्म देखने चलेंगे। वह तैयार बैठी हो और आपका कोई कार्यक्रम आ गया हो। फिर किस तरीके से मैनेज करते हैं।
सीएम : यह स्वाभाविक है उनका नाराज होना, उनकी नाराजगी भी प्यार भरी होती है। थोड़ी देर के लिए रूठती हैं, उनका रूठना भी हमें अच्छा लगता है। इस तरह के कम मौके आते हैं और आए हैं। अब वह सब समझने लगी हैं।