रायपुर

ISIS मॉड्यूल का भंडाफोड़! मोबाइल–सोशल मीडिया जांच में भिलाई के 4 नाबालिग गिरफ्तार, पाकिस्तान से मिल रही थी ट्रेनिंग..

CG News: रायपुर में एटीएस ने आईएसआईएस आतंकी संगठन से जुडे़ भिलाई के 4 अन्य नाबालिग को पकड़ा है। साथ ही उनसे पूछताछ की जा रही है।

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Nov 21, 2025
आईएसआईएस से जुडे़ भिलाई के 4 नाबालिग पकड़े गए, पाकिस्तान से मिल रही थी ट्रेनिंग(photo-patrika)
आईएसआईएस से जुडे़ भिलाई के 4 नाबालिग पकड़े गए, पाकिस्तान से मिल रही थी ट्रेनिंग(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में एटीएस ने आईएसआईएस आतंकी संगठन से जुडे़ भिलाई के 4 अन्य नाबालिग को पकड़ा है। साथ ही उनसे पूछताछ की जा रही है। सुपेला थाना क्षेत्र में रहने वाले चारों का कनेक्शन पहले पकडे़ गए दो नाबालिगों से मिला है। उक्त सभी को पाकिस्तानी आतंकी संगठन से जुडे़ लोग उकसाने वाले हिंसक गेम भेजकर उन्हें कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने लगे।

CG News: पाकिस्तान से ट्रेनिंग ले रहा था गिरोह

इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर लगातार फेक आईडी के जरिए संपर्ख किया जा रहा था। इसके लिए नाबालिगों को डार्क वेब और इनक्रिप्टेड साइट्स का इस्तेमाल करना सिखाया गया था। ताकि एजेंसियां गतिविधियों को पकड़ न सकें। इसके जारिए ही आईएसआईएस का माड्यूलर का विस्तार करने और युवा एवं किशोर लोगों को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

हालांकि एटीएस द्वारा नाबालिगों को हिरासत में लेने अधिकारिक रूप से इनकार करते हुए मामले की जांच करने और इनपुट जुटाने की बात कही है। हालांकि एटीएस द्वारा नाबालिगों को गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने अधिकारिक रूप से इनकार करते हुए मामले की जांच करने और इनपुट जुटाने की बात कही है।

भिलाई में आईएसआईएस लिंक उजागर

बता दें कि रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र और भिलाई के सुपेला थाना क्षेत्र से दो किशोर को पहले ही गिरफ्तार कर किशोर न्यायलय में पेश कर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। हालांकि एटीएस द्वारा नाबालिगों को हिरासत में लेने अधिकारिक रूप से इनकार करते हुए मामले की जांच करने और इनपुट जुटाने की बात कही है।

एटीएस ने संदिग्ध गतिविधियों के चलते दो साल पहले दोनों से पूछताछ की थी। इसके बाद एजेंसी उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थी। तकनीकी साक्ष्य मिलने पर छापा मारकर उन्हें पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए नाबालिगों के मोबाइल में दर्जनों फोटो कोड वर्ड में लिखे हुए संदेश और अन्य आपत्तिजनक लेख भी मिले है।

परिजन अनजान

किशोर के परिजनों को उनकी गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। पढ़ाई के नाम पर दिए गए मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल आतंकी संगठन से बातचीत के लिए किया जाता था। पता चला है कि मोबाइल पर इंस्टाग्राम देखने के साथ ही बातचीत करते रहते थे।

बड़ी वारदात की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक दोनों किशोर ट्रेनिंग के अंतिम चरण में थे और किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे। उनके मन में भारत के प्रति गहरी नफरत भरी जा चुकी थी। दोनों किशोर 100 से अधिक लड़कों का एक ऑनलाइन ग्रुप बना चुके थे। इस ग्रुप में शामिल अन्य बच्चों की तलाश की जा रही है।

Published on:
21 Nov 2025 08:20 am