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CG Ration: राशन माफियाओं ने हजारों गरीबों का हिस्सा खाया, लेकिन अबतक एफआईआर दर्ज नहीं

CG Ration: राशन दुकानों से रिकवरी तो की गई। लेकिन इन दोनों साल के 21 राशन दुकानों से 4293.41 क्विटल चावल, 48.56 क्विटल शक्कर और 73.17 क्विटल नमक का घोटाला हुआ है।

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CG Ration: राशन माफियाओं ने हजारों गरीबों का हिस्सा खाया, लेकिन अबतक एफआईआर दर्ज नहीं

राशन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

CG Ration: रायपुर जिले में 2022 में 133 और 2024 में 33 राशन दुकान संचालकों ने करोंड़ो रुपए का राशन घोटाला कर हजारों गरीबों का हक मार दिया। इनसे रिकवरी की जानी थीं, लेकिन अबतक कई राशन दुकानों से खाद्य विभाग रिकवरी नहीं कर पा रहा है।

ना ही अबतक इन राशन दुकानों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि विभाग लेन-देन कर ना ही इनपर दबाव बना रहा है और ना ही एफआईआर दर्ज करा रहा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में 2022-24 में 21 राशन दुकान ऐसे है, जिन्होंने 4415.15 क्विंटल का चावल, नमक और शक्कर का घोटाला किया है।

दोनों सालों में 21 दुकानों से राशन गायब

साल 2022-24 में कई राशन दुकानों से रिकवरी तो की गई। लेकिन इन दोनों साल के 21 राशन दुकानों से 4293.41 क्विटल चावल, 48.56 क्विटल शक्कर और 73.17 क्विटल नमक का घोटाला हुआ है। इसमें आरंग ग्रामीण की चार, धरसींवा की पांच और बीरगांव के अभनपुर ग्रामीण की एक राशन दुकान में ज्यादा घोटाला हुआ है। 2024 में आरंग ग्रामीण की दो, धरसींवा की छह, क्षेत्र अभनपुर ग्रामीण की दो दुकानों में घोटाला हुआ। जांच के दौरान राशन दुकानों में राशन कम पाए गए। इसके बाद इन दुकानदारों को दिखावे के लिए बस नोटिस जारी किया गया। लेकिन अबतक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कि जा रही है।
शहर की दुकानों में भी घालमेल

नियमानुसार राशन गायब होने पर खाद्य विभाग को कालाबाजारी की जांच करनी है। गायब दुकानों से डीलर का लाइसेंस रद्द कर जुर्माना लगाकर सरकारी राशन की रिकवरी करनी है। लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया जा सका है। वहीं शहर की भी कई राशन दुकानों में घोटाला हुआ है। सूत्रों की मानें तो जिन दुकानों के लाइसेंस रद्द हो चुके हैं, इन्हें दूसरी समिति में अटैच किया गया है। लेकिन संस्पेंड हुए लोग इसका संचालन कर रहे हैं। कईयों से रिकवरी नहीं हुई है, ये भी दुकान चला रहे हैं।

विभाग का कई दुकान संचालकों से रिकवरी का दावा

विभाग ने कुछ माह पहले ही उचित मूल्य की तीन राशन दुकान ग्राम गुमा, कारा और तेंदुआ में साढ़े 46 लाख रुपए से ज्यादा के राशन घोटाले के मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। लेकिन अन्य दुकानों पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई जा रही है। वहीं खाद्य विभाग के अफसरों का कहना है कि कई दुकानों से रिकवरी की जा चुकी है। इसलिए प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।

वर्जन
राशन दुकानों से रिकवरी की जा रही है। अब भी करीब सवा करोड़ रुपए का रिकवरी किया जाना है।

-भूपेंद्र मिश्रा, खाद्य नियंत्रक रायपुर