CG News: आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों के साथ ही निवेश, प्रॉपर्टी के साथ ही अन्य कारोबार की जांच कर रही है।
रायपुर। आयकर विभाग ने कोयला कारोबारियों के ठिकानों से 1 करोड़ की ज्वेलरी को सीज की है। तलाशी के दौरान बेहिसाब ज्वेलरी बरामद की गई थी। इसमें सोना-चांदी और प्लेटिनम की ज्वेलरी शामिल है। इसका मूल्यांकन करने के बाद इसका ब्यौरा मांगा गया।
शनिवार को तीसरे दिन बिलासपुर के कोयला कारोबारी फील ग्रुप समूह चेयरमैन प्रवीण झा, उनके भाई ललित और प्रवीण के साथ ही जांजगीर-चांपा स्थित तिरूपति मिनरल्स के अंशुमान अग्रवाल और प्रमोद अग्रवाल के 15 ठिकानों में सिमट गई है। इसमें दोनों समूहों के प्रमुख दफ्तर, घर और गोदाम का साइडिंग एरिया शामिल है। यहां आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों के साथ ही निवेश, प्रॉपर्टी के साथ ही अन्य कारोबार की जांच कर रही है। वहीं बेशकीमती सामान, लक्जरी कार और आलीशान बंगले एवं फर्म के आधुनिकीकरण में किए गए खर्च का हिसाब कर रहे है। तलाशी की यह कार्रवाई रविवार तक पूरी होने की संभावना जताई जा रही है।
लिए जा रहे बयानआयकर विभाग के अधिकारी पूछताछ कर कोयला कारोबारियों का फाइनल स्टेटमेंट रिकॉर्ड कर रहे है। साथ ही तलाशी के दौरान बरामद किए गए आपत्तिजनक दस्तावेजों, कम्प्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रानिक एविडेंस का बैकअप ले रहे हैं। साथ ही जांच के लिए जब्त भी किया जा रहा है। बता दें कि आयकर विभाग छ्त्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश की 150 सदस्यीय संयुक्त टीम ने 12 फरवरी को बिलासपुर और जांजगीर-चांपा स्थित 25 ठिकानों में छापे मारे।
स्टॉक का मूल्यांकनकोयला कारोबारी समूह के सभी साइडिंग एरिया में निर्धारित मात्रा से कई गुना स्टॉक मिला है। जबकि इसका उल्लेख स्टॉक रजिस्टर में नहीं किया गया है। इसके परिवहन में लगी गाडि़यों की संख्या में काफी समय बताई गई है। जबकि दर्जनों मालवाहकों द्वारा कोयले का परिवहन किया जा रहा था। उक्त सभी का हिसाब करने के बाद टैक्स चोरी का मूल्यांकन किया जाएगा।