3 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Drug Money Crackdown: रेस्टोरेंट व फार्महाउस के मालिक निकले गांजा तस्कर, सफेमा के तहत होगी कार्रवाई, जानें क्या है यह कानून

Drug trafficking property seizure: नशे के अवैध कारोबार से करोड़ों की संपत्ति खड़ी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस ऐसे हिस्ट्रीशीटरों और तस्करों की पहचान कर उनकी संपत्तियों का ब्यौरा जुटा रही है, जिन्होंने गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से रेस्टोरेंट, फार्महाउस और महंगी संपत्तियां खड़ी की हैं।

2 min read
Google source verification

रायपुर

image

Khyati Parihar

image

नारद योगी

Apr 03, 2026

हिस्ट्रीशीटरों की संपत्तियां होंगी जब्त (फोटो सोर्स- AI)

हिस्ट्रीशीटरों की संपत्तियां होंगी जब्त (फोटो सोर्स- AI)

Drug Money Crackdown: नशे का धंधा करके संपत्ति बनाना अब महंगा पड़ेगा। पुलिस ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने जा रही है। उनकी संपत्ति पर सफेमा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। शहर में कई हिस्ट्रीशीटर हैं, जिन्होंने गांजा, ड्रग्स, एमडीएमए आदि बेचकर करोड़ों रुपए की संपत्ति बना ली है। किसी के पास फार्महाउस है, तो कोई बड़े रेस्टोरेंट का मालिक है।

पुलिस अब हिस्ट्रीशीटरों की संपत्तियों का ब्यौरा तैयार कर रही है। उनके खिलाफ सफेमा के तहत कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर रवि साहू और मुकेश बनिया को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। इसके अलावा पहले से यासीन ईरानी व अन्य लोग जेल जा चुके हैं। पुलिस इन लोगों की संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।

इन पर हो चुकी है कार्रवाई

पुलिस ने गांजा तस्कर सुशंकर की करीब 70 लाख की संपत्ति जब्त की है। इनमें एक टाटा अल्टो कार, एक स्कूटी, ङ्क्षसगारपुरी कैंप रायपुर में 20 लाख का प्लाट, कौशल्या विहार सेक्टर-2 में 50 लाख का मकान शामिल था। उसके कब्जे से पुलिस ने वर्ष 2024 में 45.50 किलो गांजा जब्त किया था। इसी तरह खरोरा के राकेश वर्मा की करीब डेढ़ करोड़ की संपत्ति को सफेमा के तहत जब्त किया गया है।

करोड़ों का फार्महाउस, बड़ा रेस्टोरेंट भी: हिस्ट्रीशीटर रवि साहू के पास सेजबहार इलाके में करोड़ों रुपए का फार्महाउस है। माना में बड़ा रेस्टोरेंट भी बनाया है। इसके अलावा कई यात्री बसें भी चल रही हैं। वह कई बार शराब तस्करी व गांजा तस्करी में पकड़ा जा चुका है। इसके अलावा सट्टा चलाते भी पकड़ा गया है। इसी तरह मुकेश बनिया, यासीन सहित कई हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनके पास लाखों-करोड़ों की संपत्ति है। पुलिस ऐसे हिस्ट्रीशीटरों की संपत्ति की जानकारी खंगाल रही है।

क्या है सफेमा एक्ट

तस्कर और विदेशी मुद्रा हेरफेर (संपत्ति जब्ती) अधिनियम 1976 को सफेमा कहा जाता है। इसे मादक पदार्थों की तस्करी और विदेशी मुद्रा हेरफेर से कमाई गई संपत्तियों को जब्त करने के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य इस तरह के अपराधों को रोकना है। इसके तहत आरोपी द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के जरिए बनाई गई संपत्तियों को जब्त करके कुर्क किया जाता है।

गृहमंत्री भी कह चुके हैं

हिस्ट्रीशीटरों और नशे का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिया है। सफेमा के तहत भी कार्रवाई बढ़ाने के लिए पुलिस अफसरों को निर्देश दिया गया है। हाल ही में पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को नशे का धंधा करने वालों को न्यायालय में सजा दिलाने के लिए आवश्यक चीजों के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसमें न्यायाधीश भी शामिल हुए थे।