
हिस्ट्रीशीटरों की संपत्तियां होंगी जब्त (फोटो सोर्स- AI)
Drug Money Crackdown: नशे का धंधा करके संपत्ति बनाना अब महंगा पड़ेगा। पुलिस ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने जा रही है। उनकी संपत्ति पर सफेमा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। शहर में कई हिस्ट्रीशीटर हैं, जिन्होंने गांजा, ड्रग्स, एमडीएमए आदि बेचकर करोड़ों रुपए की संपत्ति बना ली है। किसी के पास फार्महाउस है, तो कोई बड़े रेस्टोरेंट का मालिक है।
पुलिस अब हिस्ट्रीशीटरों की संपत्तियों का ब्यौरा तैयार कर रही है। उनके खिलाफ सफेमा के तहत कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर रवि साहू और मुकेश बनिया को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। इसके अलावा पहले से यासीन ईरानी व अन्य लोग जेल जा चुके हैं। पुलिस इन लोगों की संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। जल्द कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने गांजा तस्कर सुशंकर की करीब 70 लाख की संपत्ति जब्त की है। इनमें एक टाटा अल्टो कार, एक स्कूटी, ङ्क्षसगारपुरी कैंप रायपुर में 20 लाख का प्लाट, कौशल्या विहार सेक्टर-2 में 50 लाख का मकान शामिल था। उसके कब्जे से पुलिस ने वर्ष 2024 में 45.50 किलो गांजा जब्त किया था। इसी तरह खरोरा के राकेश वर्मा की करीब डेढ़ करोड़ की संपत्ति को सफेमा के तहत जब्त किया गया है।
करोड़ों का फार्महाउस, बड़ा रेस्टोरेंट भी: हिस्ट्रीशीटर रवि साहू के पास सेजबहार इलाके में करोड़ों रुपए का फार्महाउस है। माना में बड़ा रेस्टोरेंट भी बनाया है। इसके अलावा कई यात्री बसें भी चल रही हैं। वह कई बार शराब तस्करी व गांजा तस्करी में पकड़ा जा चुका है। इसके अलावा सट्टा चलाते भी पकड़ा गया है। इसी तरह मुकेश बनिया, यासीन सहित कई हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनके पास लाखों-करोड़ों की संपत्ति है। पुलिस ऐसे हिस्ट्रीशीटरों की संपत्ति की जानकारी खंगाल रही है।
तस्कर और विदेशी मुद्रा हेरफेर (संपत्ति जब्ती) अधिनियम 1976 को सफेमा कहा जाता है। इसे मादक पदार्थों की तस्करी और विदेशी मुद्रा हेरफेर से कमाई गई संपत्तियों को जब्त करने के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य इस तरह के अपराधों को रोकना है। इसके तहत आरोपी द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के जरिए बनाई गई संपत्तियों को जब्त करके कुर्क किया जाता है।
हिस्ट्रीशीटरों और नशे का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिया है। सफेमा के तहत भी कार्रवाई बढ़ाने के लिए पुलिस अफसरों को निर्देश दिया गया है। हाल ही में पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को नशे का धंधा करने वालों को न्यायालय में सजा दिलाने के लिए आवश्यक चीजों के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसमें न्यायाधीश भी शामिल हुए थे।
Updated on:
03 Apr 2026 06:36 pm
Published on:
03 Apr 2026 06:36 pm
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