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Bastar Migrants Return: बस्तर के 32 हजार आदिवासियों के पुनर्वास की तैयारी, मंत्रालय ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट, देखें पूरी खबर

Bastar tribal rehabilitation: बस्तर संभाग से विस्थापित हजारों आदिवासियों की घर वापसी की उम्मीद अब मजबूत होती नजर आ रही है। सलवा जुडूम के दौर की हिंसा के बाद अपने गांव-घर छोड़कर तेलंगाना, आंध्रप्रदेश समेत अन्य सीमावर्ती राज्यों में बसने को मजबूर हुए करीब 32 हजार आदिवासियों के पुनर्वास की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है।

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रायपुर

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Khyati Parihar

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राहुल जैन

Apr 03, 2026

तेलंगाना-आंध्र में बसे 32 हजार बस्तरियों की वापसी की तैयारी (फोटो सोर्स- AI)

तेलंगाना-आंध्र में बसे 32 हजार बस्तरियों की वापसी की तैयारी (फोटो सोर्स- AI)

Bastar Migrants Return: सलवा जुडूम की हिंसा के बाद बस्तर संभाग के हजारों आदिवासी बेघर हो गए। उन्हें दूसरे प्रदेशों में शरण लेनी पड़ी थी। बस्तर संभाग के करीब 32 हजार आदिवासी सीमावर्ती राज्य तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में जाकर बस गए हैं। ओडिशा और महाराष्ट्र में इन आदिवासियों के बसने की भी सूचना है। अब राज्य सरकार नक्सल पीड़ित ऐसे आदिवासियों को वापस लाने की तैयारी है।

इसे लेकर पत्रिका ने 2 अप्रैल के अंक में अपनों की हिंसा और परयों की धरती, 31 हजार आदिवासी शरणार्थी, अब वापसी की उम्मीद शीर्ष से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद इसे लेकर गुरुवार को मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में पुनर्वास के लिए गठित राज्य स्तरीय अंतरविभागीय समिति की पहली बैठक हुई। इसमें छत्तीसगढ़ से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के संबंध में कार्ययोजना तैयार करने को लेकर मंथन हुआ। इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित सुकमा जिला है।

प्रवासित परिवारों ने आयोग में लगाई गुहार

बैठक में बताया गया कि जिला दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के लोग तेलंगाना एवं आन्ध्रप्रदेश राज्य में प्रवासित हो गए है। प्रवासित परिवारों की ओर से राष्ट्रीय जनजातीय आयोग में याचिका दायर किया गया है। इसके तहत आयोग द्वारा एक माह के भीतर सर्वे कर प्रवासित परिवारों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इसके परिपालन में बस्तर संभाग के संभागायुक्त द्वारा एक समयबद्ध कार्यक्रम के तहत कलेक्टर दंतेवाड़ा, सुकमा और जिला बीजापुर को प्रवासित परिवारों के सर्वे किया जाकर 15 दिन के भीतर प्रतिवेदन मांगा है। सर्वे के अनुसार दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के 667 ग्राम से तेलंगाना और आंध्रप्रदेश राज्य के 651 ग्राम में 6939 परिवार के 31098 व्यक्ति प्रवासित है।

अब सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों से करेंगे संपर्क

अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इसमें उन्होंने संभागायुक्त डोमन सिंह एवं पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेज सुंदरराज से चर्चा कर अन्य प्रांतों में प्रवासित परिवारों के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए एक बार और सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों से संपर्क करने को कहा है। माना जा रहा है कि सरकार ओडिशा और महाराष्ट्र के अधिकारियों से भी संपर्क करेगी।

विभागों को बनाने होंगे नोडल अधिकारी

बैठक में अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने कलेक्टर दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों से अन्य प्रांतों में प्रवासित लोगों के बारे में उनके मूल ग्राम एवं निवास स्थान से आवश्यक जानकारी तैयार कर लें। जिससे पुनर्वास योजना बनाने आसानी होगी। इसी तरह से पुनर्वास योजना बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित दिए गए है कि वे शीघ्र ही अपने-अपने विभागों के नोडल अधिकारी नियुक्त कर दें, जिससे शीघ्र पुनर्वास योजना बनाने में आसानी होगी।

फैक्ट फाइल

तेलंगाना में प्रवासित

  • जिला- ग्राम- परिवार-व्यक्ति
  • दंतेवाड़ा- 60- 618- 2654
  • सुकमा- 293- 2733- 12026
  • बीजापुर- 114- 994- 5029
  • कुल- 467-4345- 19709

आंध्रप्रदेश में प्रवासित

  • जिला- ग्राम- परिवार-व्यक्ति
  • दंतेवाड़ा- 25- 125- 568
  • सुकमा- 155- 2462- 10787
  • बीजापुर- 04- 07- 34
  • कुल- 184- 2594- 11389