
Public News: मोटापे से बचना है तो बिना दूध-शक्कर की चाय पीएं, मिलेट्स खाएं
ज्यादातर बीमारियों की जड़ मोटापा है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है। इसके लिए ग्रामीण व शहरी इलाकों में अभियान चला रहा है। लोगों को पंपलेट भी बांटे जा रहे हैं। लोगों को बिना दूध व शक्कर की चाय पीने को कह रहा है। यही नहीं जूस पीने के बजाय ताजे फल खाने की सलाह भी दी जा रही है। मोटापे से बचने के लिए शहर व गांवों में अभियान चलाया जा रहा है। मितानिनों व डॉक्टर लोगों को संतुलित आहार करने को कह रहे हैं।
डायबिटीज से लेकर हार्ट, किडनी, लिवर व कुछ कैंसर की बीमारी का कारण मोटापा है। विभाग सुबह से रात तक का डाइट चार्ट भी बांट रहा है ताकि लोग डाइट का पालन करें और मोटापे से बच सके। मोटापे का शिकार हो भी गए हैं तो संतुलित आहार से इससे छुटकारा पाया जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार अनियमित व जंक फूड मोटापे का सबसे बड़ा कारण है। अधिक तैलीय व प्रोसेस्ड खाना लोग खा रहे हैं। शहरीकरण, मोबाइल व टीवी की लत व तकनीकी प्रगति के कारण लोगों की शारीरिक गतिविधियां कम हो रही हैं। इससे उनका वजन सामान्य से ज्यादा हो रहा है। डॉक्टरों के अनुसार मोटापे के लिए जेनेटिक कारण भी जिम्मेदार है। कुछ परिवारों में मोटापे की हिस्ट्री रहती है। ऐसे में बच्चे भी मोटापे से ग्रसित हो जाते हैं।
मोटापे से शरीर में वसा ज्यादा होने से हार्ट का साइज बढ़ जाता है। इससे हार्ट को ब्लड पंप करने में ज़्यादा जोर लगाना पड़ता है। यही नहीं मोटापे से ब्लड प्रेशर के साथ कोलेस्ट्राल भी बढ़ जाता है। यह स्वस्थ हार्ट को बीमार करने के लिए काफी है। ब्लड सप्लाई करने वाली मुख्य नसों में प्लॉक जम जाता है। इसे एथेरोक्लेरोसिस कहा जाता है। इससे हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है।
डॉ. कृष्णकांत साहू, एचओडी कार्डियक सर्जरी नेहरू मेडिकल कॉलेज
Published on:
04 Apr 2026 01:30 am
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