
Jhiram Ghati Case: छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी हत्याकांड मामले में NIA की विशेष अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में प्रदेश कांग्रेस ने बैठक कर मामले को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि बैठक में तीन बड़े फैसले लिए गए हैं। कांग्रेस अब पार्टी आलाकमान से मुलाकात करेगी, पीड़ित परिवारों के साथ दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी और NIA कोर्ट के फैसले के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर आगे बढ़ेगी।
दीपक बैज ने कहा कि NIA कोर्ट के फैसले से पीड़ित और शहीद परिवार संतुष्ट नहीं हैं। उनके मुताबिक, परिवार लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं और फैसले के बाद भी उनकी पीड़ा बनी हुई है। बैज ने बताया कि अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस ने पीड़ित परिवारों और शहीद परिवारों से चर्चा की। इसके बाद पार्टी की बैठक में फैसले और आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।
बैज के मुताबिक, कांग्रेस जल्द ही पार्टी आलाकमान से समय लेकर वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात करेगी। इस दौरान झीरम मामले में आए NIA कोर्ट के फैसले और पीड़ित परिवारों की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस का कहना है कि मामले को आगे किस स्तर पर उठाया जाए, इसे लेकर वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद रणनीति तय की जाएगी।
कांग्रेस ने दिल्ली में पीड़ित और शहीद परिवारों के साथ बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का भी फैसला लिया है। पार्टी इस माध्यम से झीरम मामले से जुड़े अपने सवालों और पीड़ित परिवारों की मांगों को सामने रखने की तैयारी कर रही है। बैज ने कहा कि इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए संबंधित लोगों से चर्चा की जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी NIA कोर्ट के फैसले के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर भी विचार करेगी। इसके लिए वरिष्ठ वकीलों से कानूनी राय ली जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित लोगों से चर्चा के बाद आगे की कानूनी रणनीति तय की जाएगी। कांग्रेस का फोकस पीड़ित और शहीद परिवारों के लिए आगे की कार्रवाई तय करने पर रहेगा।
दीपक बैज ने NIA कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके अनुसार मामले में नक्सल संगठन के निचले स्तर पर काम करने वाले और सूचना तंत्र के रूप में भूमिका निभाने वाले लोगों पर ही कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि झीरम जैसे बड़े मामले में वास्तविक न्याय होना चाहिए और केवल कार्रवाई का दिखावा नहीं होना चाहिए। बैज के मुताबिक, कांग्रेस इस मामले को आगे भी गंभीरता से उठाती रहेगी।
बैज ने बताया कि बैठक में तय तीन प्रमुख कदमों के तहत कांग्रेस पहले आलाकमान से मुलाकात करेगी, फिर दिल्ली में पीड़ित परिवारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी और वरिष्ठ वकीलों से कानूनी राय लेकर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी। कांग्रेस का कहना है कि इन कदमों के जरिए झीरम घाटी के पीड़ित और शहीद परिवारों के लिए न्याय की मांग को आगे बढ़ाया जाएगा।