
जोगी ने पत्र में लिखा कि अश्लील सीडी कांड में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके नाम अंतागढ़ कथित फर्जी टेप मामले में भी आए थे। जोगी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब मंत्री पर बात आई तो सरकार ने तुरंत सीबीआई से जांच कराने का निर्णय ले लिया जबकि अंतागढ़ उपचुनाव टेपकांड की जांच कई सिफारिशों के बाद भी अभी तक नहीं हुई। जोगी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो सरकार और विपक्ष दोनों ही नहीं चाहते कि अंतागढ़ प्रकरण की फर्जी टेपकांड का सच जनता के सामने आए और षड्यंत्रकारी पकडे जाएं।
अंतागढ़ उपचुनाव क्यों था विवादों में
गौरतलब है कि वर्ष 2014 में राज्य का अंतागढ़ उपचुनाव उस समय सुर्खियों में आया था, जब अंतागढ़ सीट के लिए मंतूराम पंवार कांग्रेस की तरफ से अधिकृत प्रत्याशी बनाए गए थे। लेकिन पवार ने नामांकन दाखिल करने के बावजूद पार्टी को सूचना दिए बगैर ऐन वक्त पर विधायक का चुनाव लडऩे से इनकार करते हुए अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद खरीद-फरोख्त के आरोप लगे और इसका एक टेप भी सामने आया, जिसमें कथित रूप से पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, उनके पुत्र अमित जोगी और सीएम रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता की आवाजें होने की बात कही गई।
इस टेप के जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में सियासी घमासान मच गया था, जिसका सीधा असर कांग्रेस पार्टी में के फूट के रूप में दिखा। इस टेपकांड विवाद को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई। इसका परिणाम यह हुआ कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर अपनी नई पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस का गठन कर लिया।