Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में EOW ने केडिया डिस्टिलरी के वाइस प्रेसिडेंट एन. उदय राव को गिरफ्तार किया है।
Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (Economic Offences Wing) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केडिया डिस्टिलरीज के वाइस प्रेसिडेंट एन. उदय राव को गिरफ्तार किया है। जांच में उन पर फर्जी प्लेसमेंट कंपनी के जरिए 34 करोड़ रुपये से अधिक के गबन का आरोप लगा है। ईओडब्ल्यू की जांच में ओवरटाइम, बोनस और हॉलीडे-पे के नाम पर करीब 182 करोड़ रुपये के बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। एजेंसी का दावा है कि इस गिरफ्तारी के बाद घोटाले से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, उदय राव ‘ए टू जेड’ नामक प्लेसमेंट कंपनी के छत्तीसगढ़ संचालन से भी जुड़े थे। आरोप है कि इस कंपनी के जरिए करीब 34.07 करोड़ रुपये का गबन किया गया। इसमें फर्जी ओवरटाइम और हॉलीडे-पे के नाम पर सरकारी राशि निकाली गई।
जांच में खुलासा हुआ है कि आबकारी विभाग (Excise Department) में ओवरटाइम, बोनस और अवकाश भुगतान के नाम पर करीब 182.98 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, शराब दुकानों में कार्यरत लगभग 3000 कर्मचारियों के नाम पर प्रतिदिन चार घंटे अतिरिक्त काम दिखाकर करोड़ों रुपये निकाले गए, लेकिन यह राशि कर्मचारियों तक नहीं पहुंची।
ईओडब्ल्यू EOW की जांच में सामने आया कि इस घोटाले को अंजाम देने के लिए कई प्लेसमेंट कंपनियों का उपयोग किया गया। इनमें ‘ए टू जेड इंफ्रा सर्विसेज ’, ‘अलर्ट कमांडोज’, ‘प्राइम वन वर्कफोर्स’ और ‘ईगल हंटर सॉल्यूशन’ जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं। इन कंपनियों के जरिए अलग-अलग मदों में करोड़ों रुपये निकाले गए।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि केडिया डिस्टिलरीज (Kedia Distilleries) की कुम्हारी स्थित डिस्टलरी से अवैध शराब सीधे दुकानों तक पहुंचाई जाती थी। आरोप है कि सिंडिकेट के प्रभाव के कारण यह नेटवर्क लंबे समय तक बिना किसी बाधा के चलता रहा, जिससे सरकारी राजस्व (government revenue) को भारी नुकसान हुआ।
फिलहाल ईओडब्ल्यू मुख्यालय (EOW Headquarters) में उदय राव से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद घोटाले की और परतें खुल सकती हैं और आने वाले दिनों में कुछ अन्य बड़े नामों पर भी कार्रवाई संभव है।