
रायपुर. प्रदूषण की मार झेल रही देश की राजधानी दिल्ली (polluted Delhi) के लिए ये दीपावली (Dipawali) बेहद खास होगी। छत्तीसगढ़ में बने इन खास दीयों से इस बार अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की दिल्ली को प्रदूषण से राहत मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में गोबर से बनाए गए दीये इकोफे्रंडली (ecofriendly) होने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हैं। गोबर से बने इन डिजाइनर दीयों के लिए पहला ऑर्डर दिल्ली से मिला है।
चाइनीज झालर नहीं, बायो दीये
दिल्ली जैसी मेट्रो सिटी (metro cities) में जहां दीपावली त्योहार के समय चाइनीज (chinies) दीये, मोमबत्ती व झालर (china product) का बोलबाला रहता है, जबकि दीपावली पर गाय के गोबर का खास महत्व होता है। इन्हीं खास महत्व की वजह से ही गाय के गोबर से बने दीये (lamps) की मांग दिल्ली (delhi) और नागपुर से आई है। पहला ऑर्डर दो लाख दीये का है। इन दीयों को रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम बनचरौदा की स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किया जा रहा है।
गोबर से बनी ये कलाकृतियां भी लुभा रहीं
छत्तीसगढ़ सरकार (chhattisgarh govt) की नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी विकास योजना के तहत गोठान के माध्यम से ग्राम बनचरौदा की स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा गोबर से बनाई गई कलाकृतियां दिन-ब-दिन प्रसिद्धि प्राप्त कर रही हैं। लाल, पीले, हरे एवं सुनहरे सहित आकर्षक रंगों से सजे दीये लुभा रहे हैं।
46 महिलाओं के हुनर को मिला नेशनल मार्केट
बनचरौदा की स्वसहायता समूह की 46 महिलाएं गाय के गोबर से इन कलाकृतियों को बनाने में निपुण हो गई हैं। समूह से जुड़ी टुकेश्वरी चंद्राकर के मुताबिक समूह की महिलाओं का अलग-अलग दायित्व है, गोबर लाने से लेकर एक आकर्षक उत्पाद तैयार करने तक। उनके इन उत्पादों को अब नेशनल मार्केट (national market) मिल गया है।
पांच रुपए का एक दीया
गोठानों से निकलने वाले गाय के गोबर से तैयार डिजाइनर (designer) दीये की कीमत फिलहाल पांच रुपए और छोटे दीये की कीमत दो रुपए रखी गई है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी की तारीफ
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Cm Ashok Gehlot) बनचरौदा में आदर्श गोठान देखने गए थे। कांग्रेस महासचिव (AICC General Secretary) अशोक गहलोत ने गोबर से बने इन उत्पादों को देखा और उसकी जमकर प्रशंसा की थी।