
रायपुर. यह जानते हुए कि सरकारी नौकरी पाने का कोई शार्टकट तरीका नहीं है। भर्ती प्रक्रिया और नियम-शर्तों के साथ ही नियुक्ति होती है, इसके बाद भी जुगाड़ से भर्ती होने के लिए लाखों रुपए फूंकने को तैयार रहते हैं। इसी का फायदा उठाते हुए सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर हर साल दर्जनों बेरोजगारों को ठगा जा रहा है।
इस साल भी अलग-अलग थानों में 50 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं। चपरासी, नर्स, बाबू, पटवारी, छात्रावास अधीक्षक आदि बनाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी कर ली है। हाल ही में सिविल लाइन पुलिस ने भूपेश कुमार सोनवानी को जेल भेजा था। उसने 70 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी की थी।
मामला बिगड़ने पर आते हैं पुलिस के पास
सरकारी नौकरी का लालच करने वाले अधिकांश युवक-युवतियों जल्दी झांसे में आते हैं। लेनदेन भी गोपनीय ढंग से करते हैं। किसी को पता नहीं चलता। नौकरी नहीं लगती और ठगी करने वाला रकम लौटाने से इनकार कर देता है, तब पीड़ित पुलिस के पास आते हैं। आरोपी पूरी रकम खर्च कर चुका होता है। इस कारण रिकवरी भी मुश्किल होती है।
ये करते हैं ठग
ठगी करने वाले खुद को किसी बड़े नेता-अफसर का रिश्तेदार बताते हैं
भर्ती परीक्षा में सेटिंग होने का दावा करते हैं
फर्जी ज्वाइनिंग लेटरदे देते हैं
नौकरी नहीं लगने पर राशि वापसी की गारंटी देकर चेक देते हैं
फर्जी ट्रेनिंग, मेडिकल, फिटनेस टेस्ट का आयोजन करते हैं।