
छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) ने बड़ा फैसला लिया है। अब सरकार ने सब्जी व फल घर-घर जाकर बेचने की अनुमति देगी। पशु आहार केंद्र भी खुलेंगे। पीडीएस की दुकानों में टोकन सिस्टम से खाद्यान्न का वितरण होगा। इस संबंध में [typography_font:14pt;" >रायपुर. लॉकडाउन के कारण आम जनता को होने वाली परेशानियों को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों साफ कहा है, Lockdown की अवधि में कोई भी सब्जी एवं फल की दुकान नहीं खुलेगी। सब्जी-फल उत्पादक किसानों से सीधे सब्जी-भाजी, फल क्रय कर उसे गली-मोहल्लों में घर-घर जाकर बेच सकेंगे। उन्होंने गांवों में सब्जी एवं फल की खेती करने वाले किसानों को यदि वह शहर आकर कॉलोनियों एवं मोहल्लों में डोर-टू-डोर सब्जी-फल बेचना चाहते हैं तो उन्हें भी इसकी अनुमति देने के निर्देश दिए हैं।
रिटायर्ड व निजी डॉक्टर, नर्स व पैरामेडिकल स्टॉफ की होगी संविदा नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने जिलों में स्थापित डेडिकेटेड हॉस्पिटल, कोविड केयर सेंटर में मानव संसाधन की आपूर्ति के लिए सेवानिवृत्त चिकित्सकों सहित प्राइवेट चिकित्सकों, नर्स तथा पैरामेडिकल स्टाफ की आवश्यकता संविदा भर्ती के निर्देश दिए हैं। यह संविदा भर्ती तीन माह अथवा अधिकतम कोविड संक्रमण अवधि तक के लिए होगी। नियुक्त चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को संविदा दर के अनुसार मानदेय का भुगतान डीएमएफ फंड से किया जाएगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य के राशन दुकानों को खोलने और उपभोक्ताओं को टोकन आधार पर खाद्यान्न का वितरण करने को कहा है। राशन दुकान संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं को इसके लिए पूर्व में टोकन दिया जाना होगा। प्रतिदिन अधिकतम 50 से 80 उपभोक्ताओं को टोकन के आधार पर राशन उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इनकों मिलेगी छूट
- फल, सब्जी, दूध, रसोई गैस की डोर-टू-डोर डिलिवरी की अनुमति।
- पेट्रोल पम्प, दवाई दुकान, रसोई गैस एजेंसी, हॉस्पिटल एवं पशुओं के आहार केंद्रों को
- सरकारी राशन दुकानों को।
- बैंक खोलने की अनुमति, लेकिन सिर्फ बैंक के अधिकारी-कर्मचारी बैंकिंग सेवा से संबंधित कार्यों को करेंगे। पब्लिक डिलिंग की अनुमति नहीं होगी।