
मेडिकल कॉलेज ( Photo - Patrika )
रायपुर@पीलूराम साहू। Medical College Doctors Transfer: राज्य शासन ने गुरुवार को मेडिकल कॉलेजों के 43 एसोसिएट प्रोफेसरों का प्रोफेसर पद में प्रमोशन कर ट्रांसफर किया है। पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज व इससे संबद्ध आंबेडकर अस्पताल के 22 डॉक्टरों का प्रमोशन किया गया है। इनमें 18 डॉक्टरों को दूसरे मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ किया गया है।
गौर करने वाली बात ये है कि किसी भी प्रोफेसर को दूसरे मेडिकल कॉलेज से रायपुर में पोस्टिंग नहीं दी गई है। जबकि इनके बदले किसी अन्य कॉलेज के डॉक्टरों को पदस्थ किया जा सकता था। कुछ डॉक्टरों को 5 नए प्रस्तावित कॉलेजों में भेजा गया है। डॉक्टरों के एकमुश्त ट्रांसफर से न केवल पीजी की सीटें कम होने की संभावना है, बल्कि मरीजों का इलाज भी प्रभावित होगा। उदाहरण के लिए मेडिसिन व जनरल सर्जरी के तीन-तीन डॉक्टरों को बाहर भेजा गया है।
4 साल पहले दोनों ही विभागों में जरूरी फैकल्टी की कमी के चलते पीजी की दो-दो सीटें कम हो चुकी हैं। ये खतरा अब भी पैदा हो गया है। अब केवल दो-दो सीटें नहीं, इससे ज्यादा सीटें कम हो सकती है। मेडिसिन में 15 व सर्जरी में पीजी की 13 सीटें हैं। आदेश में कहा गया है कि 15 दिनों में ज्वाइन नहीं करने पर प्रमोशन स्वत: ही निरस्त माना जाएगा। यही नहीं अगले तीन साल प्रमोशन भी नहीं किया जाएगा। पत्रिका की पड़ताल में पता चला है कि कुछ डॉक्टर ज्वाइन नहीं कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें बाहर नहीं जाना है। उन्हें प्रमोशन नहीं होने का भी डर नहीं है।
आंबेडकर अस्पताल प्रदेश का सबसे बड़ा रेफरल सेंटर है। यहां रोजाना 50 से ज्यादा मरीज प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों से रेफर किए जाते हैं। क्रिटिकल मरीजों का इलाज आंबेडकर के विभिन्न विभागों में किया जाात है। जब मेडिसिन से तीन व जनरल सर्जरी से तीन-तीन डॉक्टर चले जाएंगे तो यहां यूनिट पूरी तरह प्रभावित होगी। इनके बदले बाहर के किसी डॉक्टर को नहीं बुलाने का नुकसान मरीजों को उठाना पड़ेगा।
मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना 600 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा रहा है। डॉक्टर कम है और वर्कलोड बढ़ता जा रहा है। इस कारण डॉक्टर नौकरी छोड़कर जा रहे हैं। यहां सालाना सवा लाख से ज्यादा मरीजों का इलाज केवल ओपीडी में किया रहा है। यह अस्पताल का सबसे बड़ा विभाग है और वार्ड, आईसीयू मिलाकर 180 बेड है। सालभर में 18 हजार से ज्यादा मरीज भर्ती रहते हैं। विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसरों का 11 पद स्वीकृत है, लेकिन केवल तीन सेवाएं दे रहे हैं।
इनमें दो मेडिकल ऑफिसर है, जिनके पास एमडी की डिग्री है। ये भी कुछ दिनों में यहां से चले जाएंगे। पिछले माह असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रीति गुप्ता ने नौकरी छोड़ दी। एक रेगुलर एसोसिएट प्रोफेसर ने वीआरएस के लिए आवेदन दे दिया है। वे केवल सितंबर तक सेवाएं देंगे। एक और एसोसिएट प्रोफेसर वीआरएस लेने की तैयारी कर रहे हैं।
आंबेडकर अस्पताल व नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रदेश का सबसे बड़ा कॉलेज व रेफरल सेंटर है। डॉक्टरों का ट्रांसफर किया गया है तो बाहर से भी यहां डॉक्टर बुलाए जाने चाहिए ताकि मरीजों का इलाज प्रभावित न हो। यही नहीं पीजी की सीटें भी कम होने के बजाय बढ़नी चाहिए। शासन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए। - डॉ. सीके शुक्ला, रिटायर्ड डीन नेहरू मेडिकल कॉलेज
Published on:
26 Jun 2026 07:18 am
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