रायपुर

जूस बेचनेवाले ने किया 6000 करोड़ का काला कारोबार, जानिए महादेव ऐप के सरगना सौरभ चंद्राकर की कहानी

Mahadev App kingpin Saurabh Chandrakar- ओमान में पकड़ाया, पुलिस हिरासत में चंद्राकर, भारतीय जांच एजेंसियों ने इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस जारी किया था
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Jul 09, 2026
Mahadev App kingpin Saurabh Chandrakar used to sell juice
Mahadev App kingpin Saurabh Chandrakar

Saurabh Chandrakar - महादेव ऐप स्केम के सरगना सौरभ चंद्राकर को ओमान में पकड़ लिया गया है। वह अभी पुलिस की हिरासत में है। सौरभ चंद्राकर के खिलाफ भारतीय जांच एजेंसियों ने इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस जारी किया था जिसके आधार पर उसे रॉयल ओमान पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और छत्तीसगढ़ पुलिस उसे भारत वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। सौरभ चंद्राकर पर देश में'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA), संगठित अपराध और धोखाधड़ी से जुड़े प्रावधानों के साथ ही केंद्रीय व राज्य एजेंसियों द्वारा दर्ज अन्य अपराधों के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है। वह महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट के कथित संस्थापकों में से एक माना जाता है। सौरभ चंद्राकर पहले जूस बेचता था लेकिन बाद में गैर-कानूनी धंधे में उतर आया। ऑनलाइन बेटिंग से उसने 6000 करोड़ का काला कारोबार खड़ा कर दिया।

सौरभ चंद्राकर कथित तौर पर दक्षिण-पूर्व एशियाई देश से हासिल किए गए फ़र्ज़ी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके ओमान में दाखिल हुआ था। भारत ने प्रत्यर्पण समझौते के तहत ओमान से उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चंद्राकर को 2024 में भी इंटरपोल रेड नोटिस के बाद दुबई में हिरासत में लिया गया था लेकिन बाद में भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध को स्वीकार न किए जाने पर उसे रिहा कर दिया गया।

महादेव बेटिंग ऐप की जांच गैर-कानूनी ऑनलाइन जुए की जांच के तौर पर शुरू हुई थी, लेकिन जल्द ही यह कथित तौर पर एक इंटरनेशनल मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन में बदल गई। ED का आरोप है कि महादेव नेटवर्क कई ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफ़ॉर्म्स, डिजिटल पेमेंट चैनल्स, हवाला ऑपरेटर्स और कई देशों में फैली शेल कंपनियों के ज़रिए काम करता था। जांचकर्ताओं के अनुसार, सिंडिकेट से जुड़ी अपराध से हुई कमाई 6000 करोड़ रुपए से ज़्यादा है।

2023 में ED ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में प्रभावशाली सार्वजनिक हस्तियों के लिए बड़ी रकम भेजी जानी थी। राज्य विधानसभा चुनावों से पहले ये आरोप एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गए।

भिलाई में रहता था और जूस बेचता था

सौरभ चंद्राकर, छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। ऑनलाइन बेटिंग कारोबार में आने से पहले वह एक मामूली व्यवसायी था। सौरभ चंद्राकर तब भिलाई में रहता था और जूस बेचता था। उसपर अपने साथी रवि उप्पल के साथ एक इंटरनेशनल ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क बनाने का आरोप है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से चलाला गया यह नेटवर्क भारत में यूज़र्स को टारगेट करता था।

UAE में आलीशान शादी

सौरभ चंद्राकर ने UAE में आलीशान शादी की। उसने अपनी काली कमाई से चार्टर्ड उड़ानों, सेलिब्रिटी परफॉर्मेंस और शानोशौकत पर करोड़ों रुपए खर्च किए। हालांकि इस शादी से उसके कई राज खुल गए। सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने में शादी एक अहम सुराग साबित हुई।

Updated on:
09 Jul 2026 02:23 pm
Published on:
09 Jul 2026 02:22 pm