
Chhattisgarh School Academic Session: 1 अप्रैल से खुलेंगे स्कूल!(photo-patrika)
Chhattisgarh School Academic Session: छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से करने का फैसला किया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। नई व्यवस्था वर्ष 2027 से लागू होगी, जिसके तहत अब प्रदेश के सरकारी और अन्य संबंधित स्कूल 16 जून के बजाय 1 अप्रैल से खुलेंगे। मई और जून में ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से विद्यार्थियों को अधिक शिक्षण दिवस मिलेंगे, पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा और परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, नए शैक्षणिक कैलेंडर का उद्देश्य विद्यार्थियों को अधिक शिक्षण दिवस उपलब्ध कराना और पढ़ाई को व्यवस्थित बनाना है। विभाग का मानना है कि अप्रैल से सत्र शुरू होने पर स्कूलों को पूरे वर्ष पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
यह निर्णय विभागीय समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसमें शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रम संचालन, परीक्षा प्रणाली और शिक्षण व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। चर्चा के बाद यह तय किया गया कि अप्रैल से सत्र शुरू करना विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए अधिक प्रभावी रहेगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्कूलों को पूरे सत्र में अतिरिक्त शिक्षण समय मिलेगा। इससे निर्धारित समय के भीतर पाठ्यक्रम पूरा कराया जा सकेगा और विद्यार्थियों को बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यपुस्तकों का वितरण और अन्य प्रशासनिक कार्य नियमित कक्षाओं के साथ समानांतर रूप से संचालित किए जाएंगे। इससे नए सत्र की शुरुआत में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और विद्यार्थियों का समय भी बचेगा।
विभाग राज्य के शैक्षणिक कैलेंडर को CBSE की व्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। इससे विद्यार्थियों को अधिक शिक्षण दिवस मिलेंगे और राज्य की शिक्षा व्यवस्था राष्ट्रीय स्तर की समय-सारिणी के करीब पहुंचेगी। सरकार का उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाना, परीक्षा परिणामों में सुधार लाना और विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का माहौल उपलब्ध कराना है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बदलाव से छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों सभी को लाभ मिलेगा। समय पर कक्षाएं शुरू होने से पढ़ाई का दबाव कम होगा, पाठ्यक्रम व्यवस्थित ढंग से पूरा होगा और परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा।
Updated on:
09 Jul 2026 12:43 pm
Published on:
09 Jul 2026 12:42 pm
