
Chhattisgarh Infrastructure Project: छत्तीसगढ़ में औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। रायपुर में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क, बिलासपुर में आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर और नवा रायपुर में वर्ल्ड क्लास कन्वेंशन सेंटर जैसी बड़ी परियोजनाओं को लेकर सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मूल्यांकन समिति की बैठक में इन परियोजनाओं पर सहमति बनी। माना जा रहा है कि इन प्रोजेक्ट्स से राज्य में निवेश, रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में अत्याधुनिक जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क विकसित किया जाएगा। करीब 5 एकड़ जमीन पर बनने वाली यह परियोजना 350 से 400 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगी। यह पार्क पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसमें राजधानी और आसपास के सराफा कारोबारियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का दावा है कि यह परियोजना रायपुर को देश के प्रमुख ज्वेलरी कारोबार केंद्रों की सूची में शामिल कर सकती है। वर्तमान में इस तरह के बड़े जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क मुंबई, सूरत और कोलकाता जैसे शहरों में संचालित हैं।
प्रस्तावित जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क में 500 से अधिक दुकानों के संचालन की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा यहां कई अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पार्क में मिलेंगी ये सुविधाएं:
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
बिलासपुर में लगातार बढ़ते भारी वाहनों के दबाव और ट्रैफिक समस्या को देखते हुए आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की योजना बनाई गई है। यहां लॉजिस्टिक्स हब, बड़े गोदाम, पार्किंग सुविधा, वाहन रिपेयरिंग सेंटर और ट्रक चालकों के लिए विश्राम स्थल तैयार किए जाएंगे। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही कम करना और ट्रांसपोर्ट कारोबार को संगठित ढांचा देना है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बैठक में नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। यह सेंटर बड़े कॉर्पोरेट कार्यक्रमों, व्यापारिक सम्मेलनों, प्रदर्शनियों और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए उपयोगी होगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में बिजनेस टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना नवा रायपुर को कॉर्पोरेट और इवेंट डेस्टिनेशन के रूप में नई पहचान दिला सकती है।
जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क परियोजना पहले विवादों में भी रही थी। साल 2020 में राज्य सरकार ने कृषि उपज मंडी की जमीन इस परियोजना के लिए आवंटित की थी। पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने इस जमीन आवंटन का विरोध करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि यह जमीन कृषि उपज मंडी के लिए आरक्षित थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शुरुआत में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी। हालांकि बाद में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने स्टे हटा दिया और याचिका खारिज कर दी।
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि जमीन का आवंटन छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 और राजस्व नियमों के तहत किया गया है। सरकार ने यह भी बताया कि पहले भी मंडी बोर्ड की जमीन विभिन्न सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए आवंटित होती रही है। साथ ही यह जानकारी दी गई कि पंडरीतराई कृषि उपज मंडी को ग्राम तुलसी में स्थानांतरित किया जा चुका है।
सरकार का मानना है कि इन तीनों परियोजनाओं से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क से जहां सराफा कारोबार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं ट्रांसपोर्ट नगर से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई दिशा मिलेगी। दूसरी ओर कन्वेंशन सेंटर राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बिजनेस आयोजनों के मानचित्र पर स्थापित करने में मदद करेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक इन परियोजनाओं से आने वाले वर्षों में निवेश बढ़ेगा और छत्तीसगढ़ की पहचान एक उभरते औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र के रूप में मजबूत होगी।