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बस्तर में रोजगार की बड़ी सौगात! जल्द निकलेंगी 1500 भर्तियां, शिक्षा-इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा फोकस

रायपुर ‘संकल्प’ थीम पर आधारित राज्य सरकार का बजट ‘विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को आगे बढ़ाने वाला बताया जा रहा है।

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बस्तर में बेरोजगार युवाओं को नौकरी का सुनहरा अवसर, जल्द निकलेंगी 1500 भर्तियां(photo-patrika)

बस्तर में बेरोजगार युवाओं को नौकरी का सुनहरा अवसर, जल्द निकलेंगी 1500 भर्तियां(photo-patrika)

Bastar Recruitment 2026: छत्तीसगढ़ के रायपुर ‘संकल्प’ थीम पर आधारित राज्य सरकार का बजट ‘विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को आगे बढ़ाने वाला बताया जा रहा है। शिक्षा, अधोसंरचना, औद्योगिक निवेश, कृषि आधारित उद्योग, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को केंद्र में रखकर मिशन मोड में काम करने की रूपरेखा पेश की गई है।

सरकार ने पांच नए मुख्यमंत्री मिशन शुरू करने की घोषणा की है, जिनका लक्ष्य नीति से परिणाम तक स्पष्ट रणनीति के साथ समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। बस्तर और सरगुजा संभाग को विशेष प्राथमिकता देते हुए रोजगार, शिक्षा और कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया है।

Bastar Recruitment 2026: शिक्षा और रोजगार: 13.5% बजट स्कूल शिक्षा के लिए

शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कुल बजट का 13.5 प्रतिशत स्कूल शिक्षा के लिए निर्धारित किया गया है। बस्तर के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी, जिससे दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। वाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए बस्तर फाइटर्स में 1,500 नई भर्तियां निकाली जाएंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और सुरक्षा तंत्र भी मजबूत होगा।

औद्योगिक निवेश और शहरी विकास

प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपए और भूमि विकास बैंक के सुदृढ़ीकरण के लिए 200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। साथ ही अंबिकापुर-जगदलपुर हवाई सेवा के विस्तार से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे व्यापार और पर्यटन दोनों को लाभ होगा।

कृषि और आजीविका: बस्तर-सरगुजा फोकस

कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बकरी, सूअर और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण आजीविका को सशक्त किया जाएगा। इंद्रावती नदी पर देवरगांव और मटनार बैराज निर्माण के लिए 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति दी गई है, जिससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा

कुनकुरी, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों के संचालन को गति दी जाएगी। साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा लागू करने की घोषणा की गई है, जो स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।