
हाईटेक रजिस्ट्री दफ्तर (फोटो सोर्स- AI)
Digital Registry Office: रजिस्ट्री कराने के लिए लंबी लाइनों और घंटों इंतजार से अब जल्द ही छुटकारा मिलेगा। शहर में बन रहा नया हाईटेक रजिस्ट्री दफ्तर राज्य का पहला ऐसा भवन होगा जहां लोगों को कॉरपोरेट बिल्डिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी। निर्माण कार्य जोरों पर है और लक्ष्य दिसंबर 2026 तक सिविल कार्य पूरा करने का रखा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि नए भवन के शुरू होने के बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तेज हो जाएगी। इससे न सिर्फ आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि राजस्व वसूली में भी पारदर्शिता आएगी। वर्तमान में सिविल कार्य पूरा होने के बाद अगले वित्तीय वर्ष से इस नए भवन से ही रजिस्ट्री के सभी काम शुरू कर दिए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार नए रजिस्ट्री भवन का निर्माण करीब 9.16 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। ग्राउंड फ्लोर के अलावा इसमें 5 फ्लोर होंगे। वर्तमान में भवन में फर्शी, इलेक्ट्रिक और पुट्टी का काम चल रहा है। निर्माण एजेंसी ने पहले ढांचा, फिनिशिंग, कमरे, सीसीटीवी सर्विलांस नेटवर्क और बुनियादी सिविल कार्य पूरा करने का प्लान बनाया है।
यह राज्य का पहला रजिस्ट्री दफ्तर होगा जो पूरी तरह हाईटेक होगा। भवन बनने के बाद यहां टोकन कियोस्क मशीनें, वाई-फाई, बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन सिस्टम, रियल-टाइम डिजिटल डिस्प्ले और सर्वर रूम का सेटअप लगाया जाएगा। वेटिंग हॉल पूरी तरह वातानुकूलित होगा। एक साथ तीन जिलों के रजिस्ट्रार और 8 सब रजिस्ट्रार यहां बैठकर काम कर सकेंगे। एंट्री गेट के अलावा अंदर 3 लिफ्ट लगाई गई हैं। निर्माण एजेंसी के अनुसार एक लिफ्ट में 14 लोग जा सकेंगे। इस तरह तीनों लिफ्ट में एक साथ 42 लोग ऊपर-नीचे आ-जा सकेंगे।
वर्तमान में रजिस्ट्री दफ्तर में रोजाना उप पंजियक के कमरे के बाहर लंबी लाइन लगती है। बुजुर्गों और महिलाओं को घंटों खड़ा रहना पड़ता है। नए सिस्टम में यह समस्या खत्म हो जाएगी। यहां टोकन सिस्टम लागू होगा। डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर रियल-टाइम में नंबर अपडेट होगा। लोग ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेकर भी अपने नंबर के अनुसार काम करा सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और भीड़ भी नहीं लगेगी।
दलालों पर नकेल कसने के लिए एंट्री पर ही हेल्प डेस्क बनाया जाएगा। रजिस्ट्री (Digital Registry Office) कराने आने वाले लोगों को यहीं कागजी कार्रवाई, फीस और पूरे प्रोसेस की जानकारी दी जाएगी। ताकि किसी को भटकना न पड़े। वर्तमान में रज्सिट्री दफ्तर में दफ्तर में दलाल जुगाड़ लगाए घूमते रहते हैं।
Updated on:
19 Jul 2026 10:22 am
Published on:
19 Jul 2026 10:22 am
