रायपुर

CG Board Exam: 8वीं बोर्ड परीक्षा में बड़ी लापरवाही, सवाल पूछा, लेकिन जवाब लिखने की जगह नहीं दी

CG Board Exam: परीक्षा सत्र के दौरान विभागीय स्तर पर लगातार गड़बड़ियां देखने को मिली हैं। परीक्षा शुरू होने के साथ ही प्रश्नपत्रों में त्रुटियां, कटे-फटे पेपर और सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे जाने जैसे मामले सामने आए थे।

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Apr 07, 2026
8वीं बोर्ड परीक्षा का पश्न पत्र (Photo Patrika)

CG Board Exam: @अनुराग सिंह। छत्तीसगढ़ में 8 वीं बोर्ड परीक्षा के अंतिम दिन भी शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर हुई है। प्रश्नपत्रों में कई ऐसे सवाल शामिल थे, जिनके उत्तर लिखने के लिए स्थान ही निर्धारित नहीं किया गया था। इस चूक ने परीक्षा केंद्रों में छात्रों को असमंजस और परेशानी में डाल दिया। शिक्षकों के अनुसार, प्रश्नपत्र के प्रश्न क्रमांक 17 में 10 अंकों का प्रश्न ‘अथवा’ विकल्प के साथ दिया गया था, लेकिन दोनों ही विकल्पों के उत्तर के लिए कोई स्थान उपलब्ध नहीं था।

ऐसे में छात्रों को या तो सीमित जगह में ही उत्तर समेटना पड़ा, जिससे परीक्षा का प्रवाह भी प्रभावित हुआ। यह पहली बार नहीं है जब परीक्षा प्रबंधन में ऐसी खामियां सामने आई हों। पूरे परीक्षा सत्र के दौरान विभागीय स्तर पर लगातार गड़बड़ियां देखने को मिली हैं। परीक्षा शुरू होने के साथ ही प्रश्नपत्रों में त्रुटियां, कटे-फटे पेपर और सिलेबस से बाहर के प्रश्न पूछे जाने जैसे मामले सामने आए थे।

लगातार गड़बड़ी : व्यवस्था पर सवाल

इस वर्ष आयोजित परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। 12वीं बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद व्यवस्था की साख को बड़ा झटका लगा था। वहीं, 5वीं और 8वीं की परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और वितरण प्रक्रिया को लेकर गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। स्थिति इतनी चिंताजनक रही कि कक्षा 5वीं की परीक्षा में शिक्षकों पर नकल कराने के आरोप भी लगे हैं। इसके अलावा विभाग द्वारा पर्याप्त प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण कई केंद्रों पर शिक्षकों को फोटोकॉपी कराकर पेपर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, जो परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता दोनों पर सवाल खड़े करता है।

जवाबदेही तय हो

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से साफ है कि परीक्षा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया में समन्वय और निगरानी का अभाव है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल परीक्षा आयोजित कर लेना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। अब जरूरत इस बात की है कि विभाग इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करें और भविष्य में ऐसी चूकों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुधारात्मक कदम उठाए।

Updated on:
07 Apr 2026 02:37 pm
Published on:
07 Apr 2026 02:36 pm
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