CG News: अगर थानेदार शिकायत दर्ज करने या कार्रवाई से कतराता है, तो पीड़ित पुलिस कमिश्नरी सिस्टम के तहत ACP, ADCP, DCP, अतिरिक्त CP और CP तक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
CG News: थाना स्तर पर किसी शिकायत का निराकरण नहीं होता है और थानेदार किसी के प्रभाव में आकर मामले की अनदेखी करता है, तो पीडि़त अब शहर में 5 अधिकारियों से अपनी शिकायत कर सकेंगे। वे एसीपी, एडीसीपी, डीसीपी, एसीपी और सीपी तक शिकायत कर सकते हैं। पहले सीएसपी, एएसपी, एसपी और आईजी तक मामला जाता था। प्रकरण की मॉनिटरिंग भी इसी तरह से होगी। इससे मामलों में कार्रवाई भी होगी।
शहरी क्षेत्रों में गश्त प्वॉइंट को बढ़ा दिया गया है। इससे रात में संदिग्ध रूप से घूमने वालों पर नजर रखी। पहले यह काफी कम था। कुछ थाना क्षेत्रों में तो एक भी गश्त प्वॉइंट नहीं था। अब सभी 21 थाना क्षेत्रों में 50 गश्त प्वॉइंट शुरू कर दिए गए हैं। इन गश्त प्वॉइंट पर पुलिस जवान रात्रि गश्त करेंगे।
कमिश्नरी के सभी थाना क्षेत्रों में शाम को पुलिस गश्त करने का आदेश है। शाम को थानेदार, एसीपी सहित अन्य अधिकारी थानाक्षेत्र में पैदल भ्रमण करेंगे। इस दौरान संदिग्धों की चेकिंग, वाहनों की चेकिंग आदि करेंगे।
रायपुर जिले में 558 सिपाहियों की भर्ती हुई है। इनमें से 244 सिपाहियों ने ज्वाइनिंग कर ली है। इसमें महिला-पुरुष दोनों शामिल हैं। इनकी पदस्थापना की जानी है। हालांकि हाईकोर्ट ने सभी जिलों के आरक्षक भर्ती पर फिलहाल रोक लगा दी है।
शहर में सीपी, एसीपी, डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी की पदस्थापना हो गई है। हर अधिकारियों को कम से कम गनमैन और ड्राइवर के रूप में दो-दो सिपाही लगेंगे। उनके ऑफिस का पूरा सेटअप रहेगा। इसमें भी सिपाही, हवलदार और एएसआई स्तर के स्टॉफ चाहिए। यही स्थिति ग्रामीण रायपुर में भी है। दोनों पुलिस जिले में निचले स्तर के स्टॉफ की भारी कमी है।
वर्तमान में रायपुर कमिश्नरी और रायपुर ग्रामीण की ड्यूटी पुलिस लाइन से ही लगाई जा रही है। रायपुर ग्रामीण के लिए अलग पुलिस लाइन की व्यवस्था नहीं हुई है। इस कारण दोनों पुलिस जिला में वीआईपी ड्यूटी, लॉ एंड आर्डर सहित अन्य कार्यक्रमों के लिए पुलिस लाइन से ही ड्यूटी लगाई जा रही है।