रायपुर

Operation Prahar-3: सुकमा में CRPF के जवानों को मिली बड़ी सफलता, माओवादियों के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप को किया तबाह

Operation Prahar-3: एक हजार जवान 24 घंटे में 60 किमी पैदल सफर कर दाखिल हुए सबसे खतरनाक इलाके में, मुठभेड़ में 2 जवान घायल, रात 2 बजे हेलीकॉप्टर से भेजे गए रायपुर

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Jun 04, 2018
फोर्स ने ऑपरेशन थ्री लॉन्च करते शनिवार की शाम बस्तर में सक्रिय सबसे खतरनाक माओवादी लीडर हिड़मा के गढ़ में घुसकर सल्लातोंग के जंगल में 1 किमी के दायरे में चल रहे माओवादियों के ट्रेनिंग कैम्प को ध्वस्त कर दिया।

सुकमा/दोरनापाल. फोर्स ने ऑपरेशन प्रहार-3 लॉन्च करते शनिवार की शाम बस्तर में सक्रिय सबसे खतरनाक माओवादी लीडर हिड़मा के गढ़ में घुसकर सल्लातोंग के जंगल में 1 किमी के दायरे में चल रहे माओवादियों के ट्रेनिंग कैम्प को ध्वस्त कर दिया। करीब 1000 जवान 24 घंटे में 60 किमी पैदल चलकर यहां तक पहुंचे थे। फोर्स के मुताबिक हमले के दौरान माओवादियों के कंपनी नंबर एक का चीफ व मिलिट्री बटालियन हेड हिड़मा भी वहां मौजूद था। हमले के दौरान एसटीएफ के 2 जवान मिलाप सोरी व सोरी हिड़मा घायल हो गए। इन्हें हेलीकॉप्टर की नाइट लैंडिंग करवाकर रात 2 बजे रायपुर रेफर भेजा गया। पुलिस का दावा है कि इस प्रहार में माओवादियों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है।

हमले में कई माओवादियों के मारे जाने व घायल होने का दावा पुलिस के आला अधिकारियों ने की है। घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार व अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

सुकमा एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि बुरकापाल, भेज्जी, चिंतलनार व किस्टाराम थाना क्षेत्र से सीआरपीएफ , कोबरा की 4 पार्टी व एसटीएफ, डीआरजी के करीब एक हजार जवान सर्चिंग पर निकले थे। पहली बार फोर्स इस इलाके में दाखिल हुई। यहां दिनभर में अलग-अलग पार्टी के साथ 5 मुठभेड़ हुई। बड़ी मुठभेड़ सल्लातोंग के जंगल में पहाड़ी के पास हुई। शाम करीब 5 बजे यहां पहुंचते ही माओवादियों ने डीआरजी व एसटीएफ पार्टी पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। करीब 1 घंटे चली मुठभेड़ में जवानों को भारी पड़ता देख माओवादी जंगल में भाग खड़े हुए। इस मुठभेड़ में दो जवान घायल हुए। इसमें एक को कंधे में गोली लगी व दूसरे का पैर फ्रैक्चर हुआ है। एसटीएफ टीम के वापस लौटने के दौरान एंटापाड़ और कोलाईगुड़ा से माओवादियों के छिपाए हुए सामान मिले। किस्टाराम से निकली 208 कोबरा बटालियन के साथ कोमनपाड़ की पहाड़ी के पास मुठभेड़ हुई। चिंतलनार से निकली कोबरा 201 पार्टी पर दुलेड़ में माओवादियों ने फायरिंग की।

बताया जाता है कि मुठभेड़ के बाद जंगल से वापस लौटते समय डीआरजी कमंाडर आशीष राजपूत को सांप ने डंस लिया। कैंप में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जगदलपुर रेफर कर दिया।

माओवादियों से हुए अलग-अलग मुठभेड़ में 4 भरमार बंदूक, 4 हेंड हेल्ड सेट, 2 गारमीन जीपीएस, 5 राइफल सीलिंग, 1 पुलथ्र, एचई बम बनाने का सामान, 1 एचपी कलर प्रिंटर, माओवादी वर्दी, बैटरी, 6 पिट्ठू, छोटा रिचार्जेबल बैटरी, आइइडी रिमोट कंट्रोल, 5 बीजीएल बम, 14 एके-47 व 15 इंसास राइफल के खाली खोके आदि सामग्री बरामद हुई है।

कांकेर/पखांजूर. सर्चिंग पर निकले बीएसएफ के जवानों ने रविवार को छोटेबेठिया थानांतर्गत ग्राम छिंदपर के जंगल से 10 भरमार बंदूकें बरामद किया। पंखाजूर एसडीओपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि जंगल में माओवादियों का जमावड़ा भी लगा था, लेकिन जवानों की आहट पाकर वह भाग निकले।

डीआइजी रतनलाल डांगी ने बताया कि लगातार ऑपरेशन से माओवादी बैकफुट पर हैं। जवानों का मनोबल ऊंचा है। पहुंचविहीन इलाकों में भी ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जिसमें फोर्स को सफलता मिल रही है।

सीआरपीएफ के डीआइजी ए.एलांगो ने बताया कि लगातार आपरेशन से माओवादियों के पास अब आमने-सामने की लड़ाई लडऩे के लिए हथियार भी नहीं है। माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर जवान सर्चिंग पर निकले थे।

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Updated on:
04 Jun 2018 01:35 pm
Published on:
04 Jun 2018 10:01 am
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