रायपुर

लॉकडाउन में विवाह स्थगित तो.. होटल संचालक ने एडवांस लौटने से किया मना, जानें पूरा मामला..

CG News: रायपुर से एक मामला सामने आया है, दरअसल लॉकडाउन के चलते विवाह स्थगित करने पर होटल संचालक द्वारा एडवांस रकम नहीं लौटाने पर आयोग ने नाराजगी जताई।

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Apr 17, 2025

CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक मामला सामने आया है, दरअसल लॉकडाउन के चलते विवाह स्थगित करने पर होटल संचालक द्वारा एडवांस रकम नहीं लौटाने पर आयोग ने नाराजगी जताई। साथ ही होटल संचालक को एंडवास की रकम 1 लाख रुपए और मानसिक कष्ट और वाद व्यय का 7000 रुपए लौटाने का आदेश दिया।

CG News: आयोग ने पैसे लौटाने का दिया आदेश

वहीं होटल संचालक से पूछा कि कोरोना संक्रमण के दौरान पूरे क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित करने पर वह किस तरह व्यवस्था करते, जिसके लिए एडवांस रकम ली गई थी। यह होटल प्रबंधन का मनमाना कृत्य है। कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान पूरी दुनिया में सार्वजनिक गतिविधियां थम गई थी।

जिला प्रशासन द्वारा के प्रतिबंध के बाद भी होटल संचालक द्वारा एडवांस रकम वापस नहीं लौटाना गैर जिम्मेदाराना है। लॉकडाउन लगाने के कारण वैवाहिक समारोह तैयारी करने के बाद अचानक स्थगित होने से संबंधित परिवार को नुकसान के साथ परेशानियों का सामना करना पडा है।

यह है मामला

गरियाबंद के फिंगेश्वर निवासी विकास कुमार गुप्ता ने 11 जनवरी को 2021 को अपने भाई के विवाह समारोह के लिए बिलासपुर स्थित होटल इंटरसिटी इंटरनेशनल को 4 लाख 91000 रुपए में बुक कराया। साथ ही 1 लाख रुपए एंडवास राशि जमा किया। यह विवाह 21 और 22 अप्रैल को होना था। कोविड-19 महामारी के कारण शासन द्वारा लॉक डाउन लगाये जाने पर विवाह को स्थगित करना पड़ा।

स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन के बाद 2 जुलाई 2021 को विवाह तय किया गया। लेकिन, उक्त तिथि को होटल प्रबंधन ने बुकिंग करने से मना कर दिया और एडवांस रकम भी नहीं लौटाया। परेशान होकर विकास ने जिला उपभोक्ता फोरम बिलासपुर में परिवाद प्रस्तुत किया।

होटल प्रबंधन ने पल्ला झाड़ा

जिला फोरम में सुनवाई के दौरान होटल संचालक ने बचाव में कहा कि उन्हें विवाह स्थगन के संबंध में कोई मौखिक या लिखित सूचना नहीं दी गई। इसके कारण 21 और 22 अप्रैल को कोई बुकिंग नहीं ली गई। जिससे होटल को आर्थिक हानि हुई, जबकि लॉकडाउन के दौरान भी 50 से 100 व्यक्तियों को सम्मिलित कर आयोजनों की अनुमति थी।

लेकिन, दस्तावेजों का निरीक्षण करने पर पता चला कि बुकिंग निरस्तीकरण की स्थिति में एडवांस राशि जब्त किए जाने की शर्त में कोविड-19 वैश्विक महामारी के जैसे दैवीय आपदा या गैरअनुमानित परिस्थिति कवर नहीं थी। होटल संचालक द्वारा एडवांस जब्त करना मनमाना कृत्य है। दोनों पक्षों को लॉकडाउन के चलते परेशानी हुई इसलिए एडवांस का 50 प्रतिशत और मानसिक परेशानी व वाद व्यय का 7 हजार देने का फैसला सुनाया।

आयोग में अपील

जिला फोरम के आदेश के खिलाफ विकास ने राज्य आयोग में अपील की। जहां आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया एवं सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान दस्तावेजों का निरीक्षण करने पर पता चला कि 21 और 22 अप्रैल को होटल बुक किया गया था। लेकिन, कोविड-19 महामारी के कारण कलेक्टर द्वारा पूरे बिलासपुर जिले को 14 से 21 अप्रैल तक 2021 तक कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। इसके बाद फिर 5 मई 2021 तक विस्तार किया गया।

ऐसी परिस्थिति में विवाह समारोह का आयोजन करना संभव नहीं था। होटल को बुकिंग निरस्तीकरण से कोई हानि हुई होगी क्योंकि किसी के लिए भी उस अवधि में कोई समारोह आयोजित कर पाना संभव नहीं था। होटल द्वारा परिवादी के भाई के विवाह समारोह के संबंध में कोई अग्रिम तैयारी या व्यवस्था की गई होगी। जिससे उसको नुकसान हुआ क्योंकि निर्धारित तिथि के एक सप्ताह पूर्व से लॉकडाउन लागू था।

Published on:
17 Apr 2025 09:31 am
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