
बिलासपुर. आज भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में कोरोना वायरस ने हाहाकार मचाया हुआ है। ऐसी स्थिति से निपटने में हमारे तीज, त्योहार और उत्सव काफी कारगार हैं। एक सुप्रसिद्ध चिकित्सक का भी कहना है कि दुनिया में सबसे बड़ी पैथी सिम्पैथी है। किसी रोग के इलाज में बड़े से बड़े चिकित्सक फेल हो जाते हैं, लेकिन गांव का एक वैद्य भी सिम्पैथी से इलाज करने में कामयाब हो जाता है। वैसे भारत में हर दिन कोई न कोई त्योहार होता ही है। हमारे यहां सप्ताह के सात दिन में नौ त्योहारों की भी बात कही गई है। तो आइए! मई माह में घरों में सुरक्षित रहकर त्योहार व उत्सव मनाएं जिससे Corona Pandemic किसी का कुछ भी बिगाड़ न सके।
1 मई मजदूर दिवस
भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत 1 मई 1923 को हुई। इसी दिन मजदूरों के अनिश्चित काम के घंटों को घटाकर 8 घंटे में तब्दील किया गया था। दुनियाभर में हर साल 1 मई को 'अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस' मनाया जाता है। यह हाड़तोड़ मेहनत करने वाले मजदूरों व श्रमिकों के लिए किसी सम्मान से कम नहीं है।
मई में भी कम नहीं हैं त्योहार
सनातन धर्म में त्योहारों का अपना एक खास महत्व है। इन त्योहारों से मन में उत्साह का संचार होता है। मनोबल बढ़ता है जो कोरोना से लडऩे में अत्यंत कारगर हैं। इस महीने में सीता नवमी भी मनाई जाएगी। इनके अलावा परशुराम जयंती, श्री नृसिंह जयंती और वैशाख बुध पूर्णिमा भी मई में मनाई जाएगी।
7 मई वरुथिनी एकादशी
बैशाख की इस एकादशी को व्रत रखकर भगवान विष्णु के वराह अवतार की पूजा की जाती है। सूर्यास्त के समय भगवान लक्ष्मी नारायण के चरणों में सफेद रंग के फूल चढ़ाने से लक्ष्मी प्रसन्न होकर मनचाही इच्छा पूरी होने का आशीर्वाद देती हैं।
11 मई वैशाख अमावस्या
वैशाख अमावस्या के दिन धर्म-कर्म, दान-पुण्य,स्नान-दान और पितरों के तर्पण के लिए अमावस्या का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। अमावस्य के दिन काल सर्प दोष, शनि की शांति व अन्य ग्रहों से मुक्ति के लिए पूजा की जाती है।
14 मई अक्षय तृतीया परशुराम जयंती
वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया या आखा तीज कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन स्नान, ध्यान, जप, यज्ञ, दान आदि कर्मों का फल अनन्त और अक्षय होता है। इस दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती है।
21 मई, सीता नवमी
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को सीता नवमी के नाम से जाना जाता है। माता सीता का जन्म इसी दिन हुआ था। राम नवमी की तरह ही सीता नवमी भी बहुत फलदायी मानी जाती है।
22 मई मोहिनी एकादशी
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन व्रत रखने से अनेक मनचाही कामनाएं पूरी हो जाती हैं। भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन से निकले अमृत की रक्षा दानवों से करने के लिए मोहिनी रूप धारण किया था।
26 मई बुद्ध पूर्णिमा
वैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा पड़ती है। मान्यता अनुसार भगवान विष्णु के नवें अवतार के रूप में गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था।
इसके अलावा 3 मई को वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे, वर्ल्ड लॉफ्टर डे, 12 मई को इन्टरनेशनल नर्सेज डे, 31 मई को वर्ल्ड नो टोबेको डे मनाया जाएगा।