
Chhattisgarh News: ओड़िसा और छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से चल रहे महानदी जल विवाद पर जल्द ही अंतिम फैसला आने वाला है। आज दोपहर में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में अहम बैठक होगी, जिसमें महानदी के जल के बंटवारे और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर दोनों राज्यों के पक्षों पर चर्चा होगी। संभवतः आज ही विवाद पर हल निकल सकता है।।
दिल्ली उड़ान भरने से पहले सीएम साय ने मीडिया से चर्चा की। कहा कि देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ आज महानदी के विषय पर बैठक हैं। जिसमें महानदी के जल के बंटवारे और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर दोनों राज्यों के पक्षों पर चर्चा होगी। बैठक में ओड़िसा के सीएम मांझी समेत दोनों राज्यों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। आपको बता दे कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ओड़िसा दौरे पर थे जहां महानदी विवाद पर चर्चा हुई थी और सहमति बनी थी।
यह बैठक उस समय आयोजित की जा रही है जब करीब दस दिन पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भुवनेश्वर की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात की थी। उस दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों ने विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने का भरोसा जताया था। मुख्यमंत्री माझी ने आशा व्यक्त की थी कि दिवाली से पहले इस मसले का सौहार्दपूर्ण हल निकाला जा सकता है। इससे पूर्व 30 जुलाई को जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भी दोनों पक्षों ने सहमति जताई थी। महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण ने भी आपसी समझौते के विचार का समर्थन किया है और केंद्रीय जल आयोग इस दिशा में कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
महानदी के जल बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों में यह विवाद एक दशक से भी अधिक समय से चल रहा है। ओडिशा सरकार का मुख्य आरोप यह रहा है कि छत्तीसगढ़ द्वारा ऊपरी हिस्से में औद्योगिक जरूरतों के लिए बनाए गए बैराजों से नदी के निचले प्रवाह पर गंभीर असर पड़ता है, विशेष रूप से कम वर्षा और सूखे के समय ओडिशा को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। ओडिशा ने 2016 में तत्कालीन जल संसाधन मंत्रालय के पास छह बैराजों के निर्माण को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2018 में महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया था।