CG News: रायपुर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में मितानिनों की दवा पेटी में पूरी दवा नहीं है। इसका कारण ये है कि स्वास्थ्य विभाग ने सीजीएमएससी को यह नहीं बताया है कि सालभर में क्या-क्या दवाइयां चाहिए?
CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में मितानिनों की दवा पेटी में पूरी दवा नहीं है। इसका कारण ये है कि स्वास्थ्य विभाग ने सीजीएमएससी को यह नहीं बताया है कि सालभर में क्या-क्या दवाइयां चाहिए? स्वास्थ्य विभाग की डिमांड नहीं आने के कारण सीजीएमएससी दवा नहीं खरीद पा रही है।
इससे ग्रामीण इलाकों में गर्भवती महिला व अन्य लोगों को दवा मिलने में कठिनाई हो रही है। रायपुर जिले में भी लोकल पर्चेस कर दवा बांटी जा रही है। मितानिन ग्रामीण स्वास्थ्य की रीढ़ हैं। इन दिनों वे दवा की कमियों से जूझ रही हैं।
दरअसल, जब कोई महिला गर्भवती होती है तो अस्पताल ले जाकर सोनोग्राफी करवाने से लेकर जरूरी जांच मितानिन करवाती है। आयरन, फोलिक एसिड व कैल्शियम का टेबलेट भी देती है। जब डिलीवरी का समय आता है तो मितानिनों की भूमिका बढ़ जाती है। प्रसूता व मितानिन को निश्चित मानदेय भी दिया जाता है। बताया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग को मार्च खत्म होने के पहले दवाओं की पूरी मांग सीजीएमएससी को भेज देनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
समय पर मांग नहीं भेजने से ज्यादातर मितानिनों के पास दवाएं ही नहीं है। इस मामले में रायपुर जिले के सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी का कहना है कि किसी सेक्टर विशेष में मितानिनों को दवाइयां नहीं मिल रही होंगी तो इसका पता करवाया जाएगा। उन्हें जरूरी दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी।