पत्थरबाजी की घटना पुलिस अधीक्षक साबित कर दें, तो वे राजनीति से संन्यास ले लूंगा - विधायक चोपड़ा
रायपुर/महासमुंद . विधायक विमल चोपड़ा ने पत्थरबाजी मामले में एसपी को चुनौती दी है। विधायक के मुताबिक, पुलिस का तर्क है कि आंदोलन कर रहे लोगों ने पत्थरबाजी की, इसलिए बल का प्रयोग करना पड़ा, यह गलत है। अगर ऐसा है तो पत्थरबाजी की घटना पुलिस अधीक्षक साबित कर दें, तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
विधायक ने कहा कि लाठीचार्ज के बाद पूरा प्रशासन खुद को बचाने के लिए एकजुट दिख रहा है। वहीं जांच के लिए आए पंचायत व स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने सभी पक्षों की बात सुनकर किसी प्रकार कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन पुलिस अधीक्षक बिना जांच किए ही कहा कि विधायक व उनके समर्थक गलत मांग को लेकर थाना आए थे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को चुनौती देते हुए कहा कि गलत बयानबाजी और नौटंकी बंद कर मीडिया के आमने-सामने बहस कर लें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शराब माफियाओं से पुलिस के बड़े अधिकारियों की सांठगांठ उजागर हो गई है। शराब व सट्टा माफियाओं के पैसों से अधिकारियों के घरों का सौंदर्यीकरण हो रहा है।
विधायक ने कहा कि कुछ लोग खिलाडिय़ों के घर पहुंचे और रिपोर्ट वापस लेने की धमकी भी दी गई। इसके बाद उन्होंने खिलाडिय़ों की सुरक्षा की मांग एसपी व आईजी से की थी, लेकिन अब तक खिलाडिय़ों को सुरक्षा नहीं दी गई। लाठीचार्ज का मामला विधानसभा में उठाया जाएगा।
डा. चोपड़ा ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी की मेरे विरुद्ध 25 प्रकरण दर्ज हैं । इनमें 14 पेंडिंग हैं और ज्यादातर शासकीय कार्यालयों में अमले के साथ विवाद का है। ऐसे कई मामले जो जनता को न्याय दिलाने के लिए हैं, तो 25 क्या 50 प्रकरण भी बने तो भी चिंता नहीं।