
Chawal Wale Baba: दुष्कर्म के आरोप में महासमुंद सेंट्रल जेल में बंद चर्चित कथावाचक और ज्योतिषाचार्य आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री उर्फ ‘चावल वाले बाबा’ को शनिवार को गोपनीय तरीके से रायपुर लाया गया। उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतते हुए उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर केंद्रीय जेल पहुंचाया। यहां आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें उपचार और चिकित्सकीय जांच के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) ले जाने की तैयारी की गई।
सूत्रों के अनुसार, नरेंद्र नयन शास्त्री को महासमुंद सेंट्रल जेल से सूमो वाहन क्रमांक CG 02 5072 में रायपुर लाया गया। उनके वाहन के साथ एक फॉलो गाड़ी भी सुरक्षा व्यवस्था के तहत चल रही थी। पुलिस ने पूरे ट्रांसफर ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा, ताकि किसी प्रकार की भीड़ या अवांछित स्थिति उत्पन्न न हो। बताया जा रहा है कि शास्त्री की स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए सोनोग्राफी कराई जानी है। चिकित्सकीय रिपोर्ट आने के बाद उन्हें वापस महासमुंद केंद्रीय जेल भेजा जा सकता है।
रायपुर लाए जाने के दौरान जब मीडिया ने उनसे दुष्कर्म के आरोपों को लेकर सवाल किया तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि यह उनके खिलाफ किसी साजिश का हिस्सा भी हो सकता है। उन्होंने आरोपों पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र में एक महिला ने आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोपों को प्रथम दृष्टया गंभीर पाया गया।
इसके बाद बागबाहरा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं 376(2)(ज), 376(2)(एन) और 376(2)(एम) के तहत अपराध दर्ज किया। जांच के बाद पुलिस ने नरेंद्र नयन शास्त्री को रायपुर जिले के सिलयारी क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया, जहां वे महासमुंद केंद्रीय जेल में बंद हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान नरेंद्र नयन शास्त्री की तबीयत में गिरावट आई थी। स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के बाद जेल प्रशासन ने चिकित्सकीय परीक्षण कराने का निर्णय लिया। चूंकि आरोपी की सार्वजनिक पहचान काफी बड़ी है और उनके अनुयायियों की संख्या भी अधिक बताई जाती है, इसलिए पुलिस और प्रशासन ने पूरे मामले में अतिरिक्त सतर्कता बरती। इसी कारण उन्हें सामान्य प्रक्रिया के बजाय गोपनीय तरीके से रायपुर लाया गया।
आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री मूल रूप से रायपुर जिले के सिलयारी क्षेत्र के निवासी हैं। वे कथावाचन, धार्मिक आयोजनों और ज्योतिष परामर्श के माध्यम से प्रदेशभर में चर्चित रहे हैं। उनकी पहचान विशेष रूप से ‘चावल देखकर भविष्य बताने वाले बाबा’ के रूप में बनी। दावा किया जाता था कि वे चावल के दानों के आधार पर लोगों के जीवन, भविष्य और समस्याओं के बारे में जानकारी देते थे। इसी वजह से उनके आश्रम और धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे।
जो व्यक्ति कभी बड़े धार्मिक आयोजनों में हजारों श्रद्धालुओं के बीच नजर आता था, वही आज गंभीर आपराधिक आरोपों के चलते जेल में बंद है। गिरफ्तारी के बाद से उनके आश्रम, गतिविधियों और प्रभाव को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है। अब उनकी चिकित्सकीय जांच और स्वास्थ्य रिपोर्ट पर सबकी नजर है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उन्हें आगे विशेष उपचार की जरूरत है या उन्हें वापस जेल भेज दिया जाएगा।