राष्ट्रीय पर्यटन दिवस : छत्तीसगढ़ में है प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण रमणीय स्थल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पर्यटन दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
सुभाष चन्द्र बोस को अपनाने से पहले गोडसे-सावरकर का साथ छोड़े
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि पर्यटन देश-प्रदेश की आर्थिक उन्नति और रोजगार के अवसर प्रदान करता है। इसे ध्यान में रखते हुए कांग्रेस सरकार द्वारा प्राकृतिक खूबसूरती, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक महत्व के खजाने से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ को पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां के प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण अनेक स्थलों को रमणीय बनाया जा रहा है। पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण अनेक रमणीय स्थलों के साथ-साथ अनेक ऐसे पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व के स्थल हैं, जो बरबस ही लोगों को आकर्षित करते हैं।
ये भी पढ़ें...[typography_font:14pt]महिलाओं से कथित यौन दुराचार मामले में न्यायिक जांच की मांग
छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और समृद्ध विरासत को संजोने और संवारने का काम जारी है। छत्तीसगढ़ में स्थित राम वनगमन पथ को विकसित करने का निर्णय लिया गया है। प्रथम चरण में राम वन गमन पथ में आने वाले स्थलों में से आठ स्थलों- सीतामढ़ी-हरचौका, रामगढ़, शिवरीनारायण, तुरतुरिया, चन्दखुरी, राजिम, सिहावा और जगदलपुर को पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित करने का काम शुरू हो गया है। जशपुर जिले के बालाछापर गांव में ट्रायबल टूरिज्म एथनिक रिसॉर्ट का निर्माण कर पुरातत्व, कला-संस्कृति एवं आदिवासी जीवन शैली की अद्भुत छटा को चार एकड़ रकबे में समेट कर पर्यटन के लिए विकसित किया गया है।
ये भी पढ़ें...[typography_font:14pt;" >रायपुर. छत्तीसगढ़ में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां महासमुंद जिले में स्थित पुरातात्विक धरोहर सिरपुर, सरगुजा की रामगढ़ में प्राचीनतम नाट्यशाला सीताबेंगरा गुफा, बस्तर में चित्रकोट और तीरथगढ़ के जलप्रपात, कुटुमसर की गुफाएं जैसे अनेक स्थल पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्व के हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।
ये भी पढ़ें...सहायक प्राध्यापक के इंटरव्यू के लिए 2896 उम्मीदवारों का चयन