Navratri Train Stopage: डोंगरगढ़ में चैत्र नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी स्टॉपेज दिया गया है। प्रमुख मंदिरों में भक्ति का माहौल चरम पर है।
Navratri Train Stopage: चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्ति और आस्था का माहौल चरम पर पहुंच गया है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित प्रसिद्ध मंदिर—माँ दंतेश्वरी मंदिर, माँ बम्लेश्वरी मंदिर और महामाया मंदिर रतनपुर सहित करीब 10 प्रमुख शक्तिपीठों में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
नवरात्रि के पहले दिन इन मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और हजारों मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए। मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं।
इस बार नवरात्रि को लेकर उत्साह केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश-विदेश से भी श्रद्धालु जुड़ रहे हैं। कई एनआरआई और विदेशी भक्तों ने पहले से ही ज्योति कलश जलाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक स्थलों की पहचान अब वैश्विक स्तर पर भी मजबूत हो रही है।
डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी भारी भीड़ की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी स्टॉपेज दिया है, वहीं 19 से 27 मार्च तक 4 लोकल ट्रेनों का विस्तार किया गया है। इसके अलावा डोंगरगढ़ और दुर्ग के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। पैदल यात्रियों के लिए बस सेवा, निशुल्क भंडारा, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी को असुविधा न हो।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार की नवरात्रि कई विशेष संयोगों के कारण बेहद शुभ मानी जा रही है। रायपुर के ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि वर्षों बाद ऐसा अवसर आया है जब कलश स्थापना अमावस्या तिथि में हो रही है। साथ ही शुक्ल और ब्रह्म योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जो इस पर्व के महत्व को और बढ़ाता है।
बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित महामाया मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए 20 एकड़ क्षेत्र में विशाल पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यहां महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की विशेष पूजा की परंपरा है, जिसके चलते नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।
छत्तीसगढ़ को देवी उपासना की भूमि माना जाता है, जहां नवरात्रि पर्व विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। बस्तर से लेकर रतनपुर और डोंगरगढ़ तक फैले शक्तिपीठों की ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यता है, जो सदियों पुरानी परंपराओं से जुड़ी हुई है।
नवरात्रि के दौरान ज्योति कलश जलाने की परंपरा यहां की खास पहचान है, जिसमें श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दीप प्रज्ज्वलित करते हैं। बदलते समय के साथ अब इस परंपरा में आधुनिक तकनीक भी जुड़ गई है, जिससे ऑनलाइन बुकिंग के जरिए देश-विदेश के लोग भी इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बन पा रहे हैं।