New Airports in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को लेकर बड़ी पहल की जा रही है। सरकार का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मांग, तैयारी और आवश्यकताओं के आधार पर क्षेत्रों का चयन करना है, ताकि वहां हवाई सेवा का विस्तार प्रभावी ढंग से किया जा सके।
New Airports in Chhattisgarh: केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN) योजना के तहत छत्तीसगढ़ में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को लेकर बड़ी पहल की जा रही है। प्रस्ताव के अनुसार राज्य के दुर्ग, रायगढ़, कोरबा और बस्तर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नए एयरपोर्ट विकसित किए जाने की संभावना है, हालांकि इनमें से अंतिम रूप से तीन स्थानों का चयन किया जाएगा।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय इन प्रस्तावित स्थलों का तकनीकी और व्यावहारिक मूल्यांकन करने के बाद संबंधित राज्यों को अंतिम सूची जारी करेगा, जिसके आधार पर आगे एयरपोर्ट निर्माण की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में अगले तीन महीनों के भीतर स्थानों को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मांग, तैयारी और आवश्यकताओं के आधार पर क्षेत्रों का चयन करना है, ताकि वहां हवाई सेवा का विस्तार प्रभावी ढंग से किया जा सके। इस योजना के माध्यम से न केवल हवाई यात्रा को अधिक सुलभ, किफायती और समावेशी बनाया जाएगा, बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी, जिससे दूरस्थ और उभरते क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट निदेशक योगेश नगाइच ने बताया कि उड़ान योजना के लिए देशभर में नए एयरपोर्ट के लिए 28840 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस योजना में छत्तीसगढ़ को भी शामिल किया गया है। यहां करीब 3 एयरपोर्ट बनाए जाने की उम्मीद है। टियर 2 और 3 के तहत आने वाले शहरों के नागरिकों के लिए कनेक्टिविटी में सुधार करने से बड़े विमानों में अधिक सीटों के लिए किफायती हवाई किराए उपलब्ध होगी।
इस योजना का उद्देश्य नए हवाई अड्डों, हेलीपैड और जल हवाई अड्डों के विकास के माध्यम से क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी में सुधार करना। दूरस्थ क्षेत्रों में आर्थिक अवसरों को बढ़ाना और पूरे भारत में विमानन क्षेत्र के संतुलित और सतत विकास को सुनिश्चित करना है।
बता दें कि देशभर में 100 एयरपोर्ट का विकास, 120 नए गंतव्य शामिल है। पहाड़ी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, द्वीपीय केंद्र शासित प्रदेशों, उत्तर पूर्वी क्षेत्र और आकांक्षी जिलों में 200 हेलीपैड का निर्माण और विकास को शामिल किया गया है।
केंद्र सरकार की यह पहल भारत के एविएशन सेक्टर में एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में प्रस्तावित नए एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे बल्कि स्थानीय विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे।